नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह को आगामी 31 जुलाई, 2026 के बाद भी सेवा विस्तार मिल सकता है। जानकारों के अनुसार सरकार देश के इस शीर्ष बिजली उत्पादक संस्थान में नेतृत्व की निरंतरता बनाए रखने का विकल्प चुन सकती है, क्योंकि नए उत्तराधिकारी की खोज के लिए चल रही चयन समिति की प्रक्रिया अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। वर्ष 2016 से एनटीपीसी की कमान संभाल रहे गुरदीप सिंह को पिछले साल भी एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था, क्योंकि लोक उद्यम चयन बोर्ड इस शीर्ष पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की सिफारिश करने में विफल रहा था।
उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन और बिजली सुरक्षा एजेंडे में एनटीपीसी के रणनीतिक महत्व को देखते हुए, सरकार किसी भी तरह के नेतृत्व संकट से बचना चाहती है। जब तक नए उम्मीदवार का नाम फाइनल होकर कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा अनुमोदित नहीं हो जाता, तब तक गुरदीप सिंह के हाथों में ही कमान रहने की उम्मीद है। गुरदीप सिंह के कार्यकाल में एनटीपीसी ने न केवल अपनी उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली , ई-मोबिलिटी और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी आक्रामक तरीके से कदम बढ़ाए हैं।
कंपनी देश की कुछ सबसे महत्वाकांक्षी स्वच्छ ऊर्जा और अवसंरचना परियोजनाओं को क्रियान्वित कर रही है, जिसके लिए एक सुचारू और स्थिर नेतृत्व की बेहद आवश्यकता है। हालांकि, चयन-सह-प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम से कई वरिष्ठ अधिकारी इस पद की दौड़ में शामिल हैं, लेकिन जब तक औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक सिंह का कार्यकाल बढ़ना तय माना जा रहा है।
