भोपाल। स्विट्जरलैंड के जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (पैलेस दे नेशंस) में 1 से 13 जून 2026 तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के 114वें अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन में भोपाल के डॉ. विराट जायसवाल ने भारतीय श्रमिक प्रतिनिधिमंडल की ओर से देश का प्रतिनिधित्व किया। नेशनल फ्रंट ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (एनएफआईटीयू) के महासचिव एवं एलएनसीटी विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव डॉ. जायसवाल ने इस वैश्विक मंच पर ‘मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ (ह्यूमन-सेंट्रिक एआई) की अवधारणा को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि तकनीकी विकास का उद्देश्य श्रमिकों को हटाना नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता बढ़ाना और सुरक्षित रोजगार के नए अवसर सृजित करना होना चाहिए। सम्मेलन के दौरान भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित “भारत के नए श्रम संहिताओं पर वैश्विक संवाद” कार्यक्रम में भी उन्होंने सक्रिय सहभागिता की।

इस विशेष सत्र में केंद्रीय श्रम एवं एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, जिनेवा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत अरिंदम बागची, भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी. सुरेन्द्रन और नियोक्ता प्रतिनिधि आलोक श्रीराम सहित भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा डॉ. जायसवाल ने जुलाई 2026 में हैदराबाद में प्रस्तावित ब्रिक्स ट्रेड यूनियन शिखर सम्मेलन की ओरिएंटेशन बैठक में सदस्य देशों के समक्ष इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा भी प्रस्तुत की।
डॉ. विराट जायसवाल की इस वैश्विक उपलब्धि पर निफ्टू (NFITU) के मध्यप्रदेश अध्यक्ष रामनारायण गिरी, विशाल वाणी, सावन पासी, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष सोनी और ऑल इंडिया बीएचईएल एम्पलॉइज यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे भारतीय श्रमिक आंदोलन और मध्य प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताया है।
