भोपाल। राजधानी के रायसेन रोड स्थित एलएनसीटी यूनिवर्सिटी गेट के सामने रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नगर निगम के एक कंटेनरनुमा कचरा ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण ट्रक के केबिन के निचले हिस्से से आग भभकी थी। धुआं उठते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक को रोका, जिसके बाद केबिन के नीचे लगी आग को देखकर कर्मचारी और राहगीर बोतलों में पानी भरकर उसे बुझाने के लिए दौड़े। राहगीरों ने पास ही मौजूद एक अन्य गाड़ी से पानी की बड़ी बोतलें निकालकर आग पर काबू पाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि पानी से शांत नहीं हो सकी।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और केबिन के साथ-साथ ट्रक के अगले टायर भी पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हैरानी की बात यह रही कि हादसे के करीब आधे घंटे बाद तक भी दमकल (फायर ब्रिगेड) की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंच सकी थी। यह हादसा आदमपुर कचरा खंती से लौटते समय हुआ, जिसने नगर निगम की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है। हादसे के बाद जब उक्त दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के दस्तावेजों की ऑनलाइन पड़ताल की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार, शहर की व्यस्त सड़कों पर दौड़ रहे इस सरकारी कचरा ट्रक का न तो फिटनेस सर्टिफिकेट था, न इंश्योरेंस था और न ही कोई वैध परमिट। रिकॉर्ड बताते हैं कि इस वाहन का साल 2021 से फिटनेस और साल 2019 से इंश्योरेंस ही नहीं कराया गया है।
बिना किसी सुरक्षा मापदंड और वैध दस्तावेजों के कबाड़ हो चुके ऐसे वाहनों को सड़कों पर दौड़ाकर नगर निगम प्रशासन न सिर्फ अपने कर्मचारियों बल्कि आम जनता की जान भी जोखिम में डाल रहा है। फिलहाल इस मामले में अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
