भोपाल
मध्य भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थान एम्स भोपाल में हृदय रोगियों के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। आईसीआईसीआई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के तहत एम्स भोपाल को 3 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है। इस राशि का उपयोग संस्थान में कार्डियक उपचार सुविधाओं को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए किया जाएगा।
निजी अस्पतालों पर निर्भरता होगी खत्म इस सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण लाभ आम और जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा। अब हृदय रोगियों को जटिल जांच और सर्जरी के लिए महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एम्स में ही अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से: जांच और इलाज की प्रक्रिया में तेजी आएगी। मरीजों को उपचार के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सटीक डायग्नोसिस से मरीजों के बचने की संभावना और बेहतर परिणाम सुनिश्चित होंगे।
3 सफल हृदय प्रत्यारोपण के बाद अब नई उड़ान एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानन्द कर ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बताया कि संस्थान अब तक तीन सफल हृदय प्रत्यारोपण कर चुका है। उन्होंने कहा, “आईसीआईसीआई फाउंडेशन से प्राप्त इस सीएसआर सहायता से हमारी कार्डियक केयर यूनिट और अधिक सशक्त होगी। हमारा लक्ष्य मरीजों को किफायती, सुलभ और उच्चस्तरीय उपचार प्रदान करना है ताकि गंभीर स्थितियों में समय पर उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सके।” विशेषज्ञों की राय: कम होगा इलाज का खर्च चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, इस निवेश से एम्स की उपचार क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
नई सुविधाओं के आने से न केवल इलाज का खर्च कम होगा, बल्कि गंभीर मरीजों को समय रहते उन्नत लाइफ-सपोर्ट और आधुनिक सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी। यह कदम ‘सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में बड़ा योगदान है।
Read Also :- भेल ऑफिसर्स क्लब, भोपाल में “ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट – 2026” का भव्य शुभारंभ, रिकॉर्ड सहभागिता के साथ
