भोपाल ।
बीएचईएल के ब्रेड बटर यानि ट्रेक्शन मोटर भगवान भरोसे,भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड भेल भोपाल कारखाने का कभी ब्रेड बटर माने जाने वाला डिपार्टमेंट ट्रेक्शन मोटर अब भगवान भरोसे है। यह कहा जाता है कि ट्रेक्शन यह अकेला विभाग भेल कर्मियों के वेतन बांटने के लिए काफी था। आज स्थिति यह हो गई है कि इस डिपार्टमेंट को फेल्योर डिपार्टमेंट कहने से कोई नहीं चूक रहा है। चर्चा है कि इस विभाग को कुछ ऐसी नजर लग गई है कि यहां के आला अफसर ध्यान दे रहे हैं । इसके चलते लगातार मोटर के मामले सामने आते जा रहे हैं। ऐसे में इस विभाग को कैसे नई पीढ़ी को सौपेंगे इस पर कोई विचार करने तैयार नहीं। यदि एक अफसर का पॉवर जरूरत से ज्यादा हो कर्मचारी परेशान हों साफ जाहिर है कि यह विभाग भगवान भरोसे ही चल रहा है।
मार्च 2025 से पहले इस विभाग में 300 मोटर फेल होने की शिकायतें उच्च अधिकारियेां को की गई थी जिसकी जांच कछुआ चाल से चल रही है । सूत्रों की माने तो इस ब्रेड बटर विभाग को किस की नजर लगी है यह समझने की बात है । अप्रैल 2025 से फवरवरी 2026 तक 300 से ज्यादा मोटर फेल होने की शिकायतें मिल रही हैं यानि वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक इसका आंकड़ा कहीं 400 पार न कर जाये । यह गंभीर विषय है इसे प्रबंधन को समझना होगा । सूत्रों की माने तो अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 तक आल इंडिया लेवल पर लोको मोटिव की करीब 60,मेमो पेसेंजर 200,डीजल इंजन 50 और मुंबई लोकल ट्रेन की 30 मोटर फेल होने का मामला भेल कारखाने में चर्चाओं में है । इसमें लो—क्वालिटी का मटेरियल होने की आशंका जताई जा रही है । विभाग का काम मोटर को असेम्बल करने का है । ऑफ लोड पर काम दिया जा रहा है । पार्ट खरीदी में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है इसलिये इसकी जांच होना बहुत ही जरूरी है । सूत्र बतातें है कि मैन पॉवर टेक्निकल डिजाईन में बड़ी खामियां होना बताई जा रही है वहीं तकनीकी खामियां होने से इंकार नहीं किया जा सकता । बड़ी बात यह है कि इसके चलते बीएचईएल जैसी महारात्नी कंपनी पर बड़ी तादात में फेलियर मोटरों के कारण इमेज पर भी असर पड़ रहा है । क्योंकि फेल होने के बाद फिर मटेरियल और पेनाल्टी तो लगेगी ही लेकिन मैन पॉवर का भी उपयोग होगा ।
यह भी चर्चाऐं है कि समय पर मोटर डिलीवरी न होने के कारण कस्टमर का भरोसा धीरे—धीरे टूटता जा रहा है इससे विभाग में इस तरह के काम के चलते कंपनी को नये ऑर्डर मिलने में भी दिक्कतें आ सकती हैं । विभाग के कुछ अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बतातें है कि लगातार मोटर फेल होने के कारण ऐसा लगने लगा है कि अब इस विभाग का भगवान ही मालिक है । इनका यह भी कहना है कि जितना समय फेल मोटर को रिपेयर करने में लगता है उतने समय में नई मोटर तैयार हो सकती है । फेल मोटर के कारण कस्टमर पैनाल्टी भी लगा रहा है । इससे भेल को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है ।
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