भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने थर्मल पॉवर प्लांटों से एनओएक्स उत्सर्जन को सीमित करने के लिए चयनात्मक उत्प्रेरक रिएक्टरों (एससीआर) के लिए भारत के पहले उत्प्रेरक सेट का सफलतापूर्वक निर्माण किया है । गौरतलब है कि ये उत्प्रेरक अब तक आयात किए जा रहे थे और इनका देश में निर्माण भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के तहत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है ।
सुश्री रेणुका गेरा, निदेशक (औद्योगिक प्रणाली और उत्पाद) बीएचईएल कंपनी के सोलर बिजनेस डिवीजन (एसबीडी) इकाई से 5&800 मेगावाट यदाद्री थर्मल पावर स्टेशन के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित एससीआर उत्प्रेरक के पहले सेट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । इस अवसर पर पंकज गुप्ता, कार्यपालक निदेशक, एसबीडी उद्योग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक अनिल जोशी एवं एसबीडी के अन्य कर्मचारी मौजूद थे ।
बीएचईएल ने थर्मल पावर स्टेशनों में एनओएक्स कमी को पूरा करने के लिए अपनी एसबीडी इकाई में एक अत्याधुनिक एससीआर उत्प्रेरक विनिर्माण सुविधा स्थापित की है । एनओएक्स के दीर्घकालिक गंभीर प्रभावों को पहचानते हुए पर्यावरण और वन मंत्रालय की अधिसूचना पर विचार करते हुए टीएसजीईएनसीओ ने 5&800 मेगावाट यदाद्री टीपीएस के लिए एमएएचएजीईएनसीओ ने 1&660 मेगावाट भुसावल टीपीएस के लिए डब्ल्यूडीसीएल ने 1&660 मेगावाट सागरदिघी टीपीएसके लिए और एनएएलसीओ ने 1&18.5 मेगावाट दामनजोड़ी टीपीएस के लिए स्विचगियर के आदेश दिए थे ।
बीएचईएल थर्मल पावर प्लांटों के लिए अनुकूल पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्ध है । उच्च दक्षता वाले बॉयलरों के अलावा बीएचईएल इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रीसिपिटेटर्स, फ़्लू गैस डिसल्फराइज़ेशन इकाइयों और सेलेक्टिव कैटलिस्ट रिएक्टरों की आपूर्ति करता है जिसके लिए कंपनी ने मार्केट लीडर, नैनो, कोरिया गणराज्य से ली गई तकनीक का स्वदेशीकरण किया है ।
