-मटेरियल की कमी उत्पादन लक्ष्य पूरा करने में रोड़ा बनी
-दिन-रात उत्पादन लक्ष्य पाने कर रहे है भेल कर्मी मेहनत
भोपाल
भारत हेवी इलेक्ट्रीकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल यूनिट को इस वित्तीय वर्ष में रिवाईज टारगेट 3000 करोड़ पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है लेकिन काफी मेहनत के बाद भी यह यूनिट 2800 करोड़ से कुछ ज्यादा ही टारगेट पूरा कर पायेगी। इस लक्ष्य को पाने के लिये भेल के पास सिर्फ डेढ़ माह का समय बचा हुआ है इसके लिये भेल कर्मी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। खास बात यह है कि पिछले 10 माह से महाप्रबंधकों की कमी बनी हुई थी। इसके चलते प्रबंधन 3000 करोड़ का लक्ष्य पूरा करने में दम नहीं दिखा पा रहा है ।
सूत्रों की मुताबिक कारखाने में 2000 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन हो चुका है । सिर्फ डेढ़ माह में 800 करोड़ का उत्पादन पूरा करना बाकी है । जानकारों का कहना है कि यूनिट 2800 करोड़ से ज्यादा का उत्पादन हर हाल में पूरा कर लेगा। ट्रांसफार्मर,टे्रक्शन ईएम ,हाईड्रो,स्वीचगियर ब्लॉक इस बार पूरी दम दिखा रहे हैं वहीं थर्मल और फीडर भी धीरे-धीरे उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने में लगे हुये हैं।
इधर कारखाने में मटेरियल की कमी उत्पादन लक्ष्य पाने में रोड़ा बनी हुई है। पिछले 3 माह में जिस तेज गति से उत्पादन हुआ है वह भी अपने आप में एक रिकार्ड है । भेल दिल्ली कॉरपोरेट इस और ध्यान ही नहीं दे पा रहा है कि इस यूनिट में मटेरियल की कमी के चलते कुछ ब्लॉकों में कर्मचारी खाली हाथ बैठे हुये हैं । फायनेंस विभाग ने खर्चों में कटौती के नाम पर हाथ खींच रखे हैं । सूत्र बताते हैं कि यदि मटेरियल की कमी इस माह पूरी कर दी जाये तो काफी हद तक उत्पादन का बढ़ाया जा सकता है ।
फिलहाल सबसे तेज गति से कारखाने का ट्रांसफार्मर,ईएम और हाईड्रो ब्लॉक काम कर रहा है । यह ब्लॉक इस वित्तीय वर्ष में बेहतर उत्पादन करेंगे। सूत्र बताते है कि टीसीबी 700 करोड़,ईएम ग्रुप 600 करोड़,ट्रेक्शन मोटर 500 करोड़,हाईड्रो ब्लॉक 500 करोड़,स्वीचगियर ब्लॉक 400 करोड़ का टारगेट इस वित्तीय वर्ष में दे सकता है । इसी तरह थर्मल आर्डर की कमी के चलते 100 करोड़ और फीडर करीब 50 करोड़ का टारगेट दे सकता है ।
इस हिसाब से भोपाल यूनिट 2800 करोड़ से ज्यादा का टारगेट दे सकती है सिर्फ जरूरत है तो मटेरियल की इससे उत्पादन में और तेजी आ सकती है । कैश कलेक्शन की स्थिति बेहतर रह सकती है । दूसरी और नगर प्रशासन विभाग भी अपना परफारमेंस बेहतर दिखा सकता है । 31 मार्च 2023 तक राजस्व वसूली में तेजी लाई जा रही है ।
