भोपाल
हिमाचल के मंडी में बने लारजी पनविद्युत प्रोजेक्ट के पावर हाउस की मशीनरी व उपकरणों की मरम्मत का काम शुरु हो गया है। इस राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड से 126 मेगावॉट क्षमता का बिजली उत्पादन होता है। हिमाचल प्रदेश के मंडी में स्थित इस प्रोजेक्ट में 42-42 मेगावॉट क्षमता की तीन टरबाइन लगी हुई हैं।
जुलाई में व्यास नदी में आई बाढ़ का पानी व गाद मुख्य प्रवेश द्वार से होता हुआ पावर हाउस में घुस गया था। सूत्रों के मुताबिक अब मरम्मत कार्य में 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की उम्मीद है। लारजी प्रोजेक्ट से बजौरा व बिजणी फीडर को विद्युत आपूर्ति होती है। भेल के इंजीनियरों ने मशीनरी व उपकरणों की मरम्मत शुरु दी है। दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक एक टरबाइन से बिजली उत्पादन का काम शुरू हो सकता है।
