24.6 C
London
Friday, May 29, 2026
Homeभेल न्यूज़मध्यप्रदेश में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण नहीं किए जाने से...

मध्यप्रदेश में श्रमिकों के न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण नहीं किए जाने से श्रमिकों में भारी असंतोष

Published on

भोपाल

न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 की धारा 3 के अनुसार 5 वर्ष के अंदर न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण करना अनिवार्य है। लेकिन मध्य प्रदेश में 9 वर्ष की अवधि समाप्त होने को है फिर भी अभी तक न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण नहीं किया गया जबकि दूसरा पुनरीक्षण किया जाना अपेक्षित हो गया है। क्या प्रदेश सरकार आगामी अवधि में जब भी न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण करेगी तब दो बार पुनरीक्षण के बराबर अनुपात में प्रदेश के श्रमिकों के वेतन में बढ़ोत्तरी करेगी?

अपेक्षा तो यही है किंतु सरकार द्वारा न्यायोचित और व्यावहारिक निर्णय इस संबंध में लिया जाएगा इसकी उम्मीद अभी तक के सरकार के निर्णयों के आधार पर बिल्कुल नहीं है। प्रदेश में वर्ष 2014 में न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण किया गया था और 2019 में 5 वर्ष की अवधि के अंदर पुन: पुनरीक्षण अनिवार्य हो गया था। वर्ष 2019 में न्यूनतम वेतन के पुनरीक्षण हेतु न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति की बैठक की जाकर वेतन पुनरीक्षण का निर्णय ले लिया गया था लेकिन अभी तक पुनरीक्षण की कार्यवाही विलंबित रखी गई है। यदि करोना काल का अवरोध आया होगा तब भी करोना के बाद लंबे समय से सामान्य काल चल रहा है।

प्राप्त जानकारी अनुसार अब पुनरीक्षण कार्यवाही को अंतिम रूप देने की पहल पुन: प्रारंभ की गई है लेकिन 4 वर्ष पूर्व सलाहकार समिति द्वारा लिये गये निर्णय पर लंबे समय तक प्रारंभिक और अंतिम अधिसूचना की सरकार द्वारा कार्यवाही नहीं करने से अब यदि श्रमिकों के वेतन का पुनरीक्षण किया जाना है तो नये रूप में पुन: न्यूनतम वेतन सलाहकार समिति की राय लिया जाना अनिवार्य है।

प्रदेश के श्रमिकों का 9 वर्ष उपरांत भी सरकार द्वारा वेतन पुनरीक्षण नहीं किये जाने से श्रमिकों को वास्तविक वेतन से कम वेतन प्राप्त हो रहा है जो श्रमिकों के प्रति अन्याय के साथ साथ सरकार के अनुदार व्यवहार का द्योतक है। सरकार के श्रमिकों के प्रति इस रवैए से प्रदेश के श्रमिकों में भारी असंतोष और आक्रोश है। अतएव सरकार द्वारा शीघ्रातिशीघ्र न्यूनतम वेतन सलाहकार की बैठक बुलाकर न्यायोचित और व्यावहारिक वेतन पुनरीक्षण की कार्यवाही की जावे अन्यथा प्रदेश के श्रमिक सड़कों पर आंदोलन के लिए विवश होंगे।

Latest articles

वीर सावरकर की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया नमन, बोले- उनके विचार युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए करेंगे प्रेरित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल से राजस्थान टीबी मुक्त अभियान में तेजी, 60 दिन में 19 लाख लोगों की स्क्रीनिंग

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और मजबूत इच्छाशक्ति के फलस्वरूप राजस्थान 'टीबी मुक्त'...

भजनलाल सरकार का कमाल: राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति, शिकायतों में आई 41 हजार की कमी

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के बेहतर प्रबंधन और दूरगामी...

More like this

नई दिल्ली में आयोजित रोडशो में भेल ने प्रदर्शित की अपनी कोयला गैसीकरण तकनीक, केंद्रीय मंत्रियों ने किया दौरा

नई दिल्ली। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के तत्वावधान में नई दिल्ली में 'सतही...

बीएचईएल में 61 नव-नियुक्त आर्टिजन प्रशिक्षुओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम शुरू

हरिद्वार। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) हरिद्वार के मानव संसाधन विकास केंद्र (एचआरडीसी) द्वारा...

भेल थ्रिफ्ट सोसायटी का प्रतिभा सम्मान समारोह 31 मई को, उत्कृष्ट छात्र और कर्मचारी होंगे सम्मानित

भोपाल। बीएचईई थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी द्वारा वर्ष 2024-25 सत्र हेतु 'प्रतिभा सम्मान...