भोपाल।
जिला पंचायत सदस्य विजय विनोद राजोरिया ने ग्राम पंचायत केकड़िया के अनुसूचित जनजाति के 50 परिवारों की समस्या को लेकर भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कलेक्टोरेट कार्यालय सभा कक्ष में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
भोपाल जिला पंचायत सदस्य विजय विनोद राजोरिया ने अपने जिला पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत केकड़िया की अनुसूचित जनजाति की मूलभूत समस्याओं के संबंध में भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। अनुसूचित जनजाति के लोगों की मुख्य समस्या ग्राम केकड़िया में श्मशान घाट वन विभाग की भूमि पर स्थित है। वन भूमि होने के कारण पक्का निर्माण नहीं हो पा रहा है। बरसात के समय में अंतिम संस्कार करने में आज सुविधा होती है। शमशान घाट को पक्का बनवा सके। अनुसूचित जनजाति के 50 परिवारों से अधिक परिवार कई वर्षों से निवासरत है, जिन्हें भू अधिकार पट्टा प्रदान करें।
ग्राम पंचायत केकड़िया के ग्राम रसूलिया में अधिकतर बंजारा समाज निवास करती है जिनका शमशान घाट के ही वर्षों से कच्चा है वन विभाग की भूमि होने के कारण पक्का निर्माण नहीं हो पा रहा है। श्मशान घाट को पक्का निर्माण करने की अनुमति प्रदान करें। वन विभाग के अधिकारियों के लापरवाही के कारण वन विभाग की पोल फेंसिंग क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है, जिसके कारण जानवर गांव में आकर ग्राम वासियों को नुकसान पहुंचाते हैं जिसकी बाउंड्री वालों की जाए। इन मांगों को लेकर भोपाल कलेक्टर के नाम का ज्ञापन एडीएम अंकुर मेश्राम एवं सुधीर श्रीवास्तव सहायक आयुक्त आदिम जाति विभाग को सोपा।जिसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत परंपरागत पूर्व एवं सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंध के अधिकारों के दावे तैयार करने के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य बेरसिया क्षेत्र से विनय मेहर ने अनुसूचित जनजाति के लोगों का मुद्दा शक्ति से उठाते हुए अधिकारियों से कहा कि वन विभाग अधिनियम 2006 के तहत जो भी लोग निवास रथ हैं उन्हें हटाया नहीं जाए उनको वन अधिकार की मान्यता देते हुए भू अधिकार पट्टा दिए जाएं।
विनय मेहर ने कहा जो लोग जहां निवास कर रहे हैं किसी कारण बस उनके पास कागज नहीं है उन्हें भी वहां पर रहने का अधिकार दिया जाए और उनके पट्टे बनाए जाएं किसी को बेदखल ना करें जिनके भी नाम सर्वे में आए हैं उन पर पुनः विचार कर उन्हें स्थाई करें। अनुसूचित जनजाति के लोग जो जहां रह रहा है उन्हें बेदखल ना करें और उनकी जो भी मदद हो वह करें किसी भी व्यक्ति को वहां से नहीं हटाया जाए। बेरसिया क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए जिला सदस्य विनय मैहर ने गंभीरता से अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव रखा कि इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाए। बैठक में जिला पंचायत सदस्य विजय विनोद राजोरिया, जिला सदस्य विनय मेहर, जिला सदस्य गंगा मिश्रीलाल मालवीय, एडीएम अंकुर मेश्राम, सहायक आयुक्त अदम जाति विभाग सुधीर श्रीवास्तव एवं अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
