भोपाल।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने गुरुवार को बीएचईएल मध्य प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयोग ने अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए विभिन्न सुरक्षा उपायों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर चर्चा की। अध्यक्ष श्री आर्य ने बीएचईएल के कार्यप्रणाली, अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों की पदोन्नति, स्थानांतरण आदि मामलों में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की।
श्री आर्य ने अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों से उनकी संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए काम करने का आग्रह किया। आयोग ने बीएचईएल भोपाल के ईडी और वरिष्ठ अधिकारियों (सभी जीएम और डीआरओ) के साथ समीक्षा बैठक में अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों के लिए एक अलग सांस्कृतिक हॉल, धार्मिक प्रथाओं के लिए मंदिर, आदिवासी योद्धाओं की पुस्तकों वाली पुस्तकालय और आदिवासी व्यक्तित्व के नाम पर पार्क बनाने का सुझाव दिया।
श्री आर्य बीएचईएल की अनुसूचित जनजाति कर्मचारियों के लिए समन्वय और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के काम से संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति के लोग अपनी संस्कृति और विरासत को महत्व देते हैं और धार्मिक प्रथाओं का पालन करते हैं। उन्होंने युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया ताकि अनुसूचित जनजाति के युवाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का भी आग्रह किया। बैठक में अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य एवं भेल के अधिकारी उपस्थित थे।
