आने वाले 17 नवंबर को विधान सभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जोरदार टक्कर हो सकती हैं। पिछले चुनाव 2018 में ज्योतिरादित्य सिंधिया का साथ कांग्रेस के साथ था, पर अब वह बीजेपी के साथ है इसलिये ग्वालियर संभाग में बीजेपी को जरूर कुछ लाभ मिल सकता है परन्तु शिवराज सिंह चौहान के लिये एक बार फिर बीजेपी को सत्ता में लाना, कठिन चुनौतिओं से कम नहीं हैं। आइये देखते हैं ज्योतिष क्या कुछ संकेत दे रही हैं। साल 2018 में कांग्रेस की 114 सीट के मुकाबले बीजेपी को 109 सीट मिल पायी थी, फिर कांग्रेस के कमलनाथ की प्रदेश सरकार बनी। किंतु ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में आने के कारण मार्च 2020 में कांग्रेस सरकार गिर गयी और बीजेपी के शिवराज सिंह चौहान एक बार फिर मुख्य मंत्री बने । मध्य प्रदेश का जन्म 1 नवंबर 1956 को हुआ जो कर्क लग्न की कुंडली हैं और लग्नेश चंद्र त्रितीय स्थान में गुरु और शुक्र से योग में हैं। लग्न नक्षत्र अस्लेशा हैं और 17 नवंबर को चुनाव के दिन पूर्वाषा?ा नक्षत्र हैं जो लग्न से विपत नक्षत्र में हैं और गोचर में लग्नेश चंद्र का षष्ट भाव में और शनि की तीसरी दृष्टि कर्म भाव में हे जो सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवराज सरकार को चुनाव में बड़ी चुनौती के संकेत दे रही हैं।
दिग्विजय सिंह
28 फरवरी 1947 का जन्म लग्न तुला और शुक्र पर शनि की दृष्टि उनके राज घराने से सम्बन्ध दिखता हे। योगकारका शनि की महादशा में वह 1993 से 2003 तक प्रदेश के मुख्य मंत्री रहे। अभी उनकी बुध दशा में गुरु की अंतर दशा चल रही हे ,गुरु की दृष्टि कर्म भाव में शनि पर है और गोचर में दोनों गृह वक्री हे अत: उनका चुनाव में जीतना और कांग्रेस के लिए सक्रिय भूमिका में आना तथा प्रदेश में कांग्रेस के लिए जन समर्थन जुटाना के अच्छे संकेत दे रहा हैं
कमलनाथ
18 नवंबर 1946, कानपुर, जन्म लग्न मीन और भाग्य स्थान पांच ग्रहो का योग तथा राहु की सूर्य पर दृष्टि उच्च घराने और राजनीती में विशेष लाभ दिखता है। अपनी छोटी ही उम्र में उन्होंने 1980 में लोक सभा का चुनाव जीता और फिर नरसिम्हा और मनमोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। इलेक्शन के दौरान उनकी दशमांशा चार्ट के अनुसार बुध में शुक्र का अन्तर है और यह लग्न और पंचम भाव के स्वामी शुभ गृह हैं और मंगल की युति के चलते राज योग भी बना रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान
5 मार्च 1959, बुधनी, शाम का समय कन्या लग्न और लग्नेश और भाग्येश की राजयोगकारक युति सप्तम भाव में, भाग्येश शुक्र का होरा लग्न में सुन्दर लक्ष्मी योग हे। तपस्वी योग और गुरु मंगल योग के होते हुए उनको जनता का समर्थन 2005 से 2018 तक बराबर मिला और फिर कांग्रेस सरकार टूटने के बाद 2020 से मुख्य मंत्री पद पर इस चुनाव तक। गोचर में कुंडली का अवयोगी गृह नीच राशि में हे और योगी गृह तथा बाधक गृह वक्री हैं और पंचम भाव का चंद्र पाप करतरी योग में हैं तथा शनि का योग गुलिका माँदी के साथ हैं इसका फल अभी चल रही शनि में चंद्र दशा अन्तर में उनके स्वयं के लिए चुनाव के बाद राज्य में किसी बड़ी भूमिका में आने में बाधा का कारण बन सकते हैं ।
गोचर में मंगल की दृष्टि जन्म कुंडली के आरूढ़ लग्न पर पड़ रही हैं यह दर्शाता हैं की चुनाव के लिए उनके द्वारा प्रयत्नों में कुछ कमी हैं जो उनको पूरा करना चाहिए वैसे तो बीजेपी ने इस चुनाव में अपना लीडर घोषित नहीं किया हे, पर अगर बीजेपी चुनाव जीत भी जाती है फिर भी शिवराज जी पर ही मुख्यमंत्री की मुहर लगे इसमें उनकी कुंडली, और गृह कितना साथ देंगे इस पर प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। कुल मिलकर मध्य प्रदेश का आगामी चुनाव बीजेपी के लिए बहुत चुनौतियों भरा रहने वाला हैं और कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर होने की पूरी संभावना हैं।

