भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भोपाल की प्रमुख श्रमिक यूनियन ‘हेवू-भारतीय मजदूर संघ’ के नाम पर सदस्यता रसीदें काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। यूनियन के कोषाध्यक्ष शिशुपाल यादव ने इस संबंध में एक आधिकारिक सूचना जारी कर सभी सदस्यों और कर्मचारियों को सचेत रहने की अपील की है।
यूनियन प्रबंधन के संज्ञान में आया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा कोषाध्यक्ष की अनुमति या जानकारी के बिना अवैध (नकली) मेंबरशिप रसीदें बांटी जा रही हैं । इस जालसाजी को रोकने के लिए स्पष्ट किया गया है कि यूनियन की प्रामाणिक सदस्यता बुक केवल कोषाध्यक्ष के पास ही उपलब्ध है । सदस्यता ग्रहण करने के इच्छुक सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे पहले ‘कोषाध्यक्ष रजिस्टर’ में अपनी प्रविष्टि करवाएं और केवल कोषाध्यक्ष द्वारा हस्ताक्षरित प्रामाणिक बुक से ही रसीद प्राप्त करें।
यूनियन ने सख्त लहजे में कहा है कि किसी भी प्रकार की अनधिकृत रसीद मान्य नहीं होगी । कर्मचारियों से आग्रह किया गया है कि वे धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करें । यह सूचना सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के बाद 23 अप्रैल 2026 को सार्वजनिक की गई है । इस पत्र के बाद भेल कारखाने में यह चर्चाऐं आम हो गई हैं कि हेवू बीएमएस में दो ग्रुप बन गये हैं इससे बीएमएस की छबि खराब हो रही है।
दरअसल यह पत्र अध्यक्ष या महामंत्री को नियामानुसार जारी करना था लेकिन इस पत्र को किसी के दबाव में आकर कोषाध्यक्ष शिशुपाल यादव ने जारी कर दिया। इससे कारखाने में हेवू बीएमएस को लेकर चर्चाऐं शुरू हो गई हैं। हालांकि वर्ष 2023 में हेवू बीएमएस की कार्यकारणी भंग हो चुकी है वहीं बीएमएस की विधि के अनुसार 70 उम्र पार यहां का कोई भी सदस्य अध्यक्ष पद पर नहीं रह सकता लेकिन यूनियन ने यह सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है । यह विवाद और भी लंबा खिंच सकता है यदि बीएमएस हाई कमान इस मामले को गंभीरता से ले ।
इनका कहना है
यह पत्र हेवू बीएमएस के सदस्यों के लिये जारी किया गया था लेकिन भूलवश एक नेता ने इस पत्र को सोशल मीडिया पर जारी कर दिया है। अभी तक इस कार्यालय से कोई भी रसीद नहीं काटी गई है । यह सब गलतफहमी फैलाई जा रही है।
- शिशुपाल यादव, कोषाध्यक्ष हेवू बीएमएस
