भोपाल।
करोड़ों की जमीन पर बने भेल स्पोर्ट्स क्लब के हाल बेहाल है। यहां की खेल गतिविधियां लगभग ठप पड़ी है। सालों से संवैधानिक तरीके से बने स्पोर्ट्स क्लब के चुनाव भेल प्रबंधन नहीं कराना चाहता। इसको लेकर भेल कर्मचारियों मे आक्रोश व्याप्त है। यहां भेल कर्मचारी और उनके बच्चों को खेलों में अपना भविष्य बनाने का मौका मिलता था जो अब बंद है।
जहां भारत और राज्य सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ाने ओर खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित कर रही है वहां भेल का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स क्लब खेल गतिविधियां बंद होने के कारण आंसू बहा रहा है। यह क्लब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है। कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तरीय खेल खेल चुके है। इस क्लब के पूर्व महासचिव आरएस ठाकुर की मानें तो यह एक स्वशासी बॉडी है इसका लिखित संविधान है। इस क्लब में कर्मचारी और उनके बच्चे शुल्क अदा कर विभिन्न प्रकार के खेलों में भाग लेते है।
उन्होंने बताया कि क्लब की प्रबंध समिति का गठन सदस्यों ने प्रत्येक खेल के लिए किया था। उसका कार्यकाल दो वर्ष के लिए था लेकिन भेल भोपाल प्रबंधन पिछले कई सालों से चुनाव नहीं करवा रहा है इससे कर्मचारी खेल गतिविधियों से वंचित है। खास बात यह है कि भेल क्लब के अध्यक्ष के रूप में भेल का वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त होता था। उन्होंने कहा कि क्लब के बैंक खातों का संचालन निर्वाचन पदाधिकारी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति नहीं कर सकता लेकिन वर्तमान में प्रबंधन द्वारा ऐसा किया जा रहा है।
उन्होंने कार्यपालक निदेशक और स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष को पत्र लिखकर मांग की है कि स्पोर्ट्स क्लब के चुनाव जल्द से जल्द कराया जाए। गौरतलब है कि वर्ष 1984 में भेल स्पोर्ट्स काम्पलेक्स बनाया गया था। वर्तमान में यहां पर बैडमिंटन ,क्रिकेट ,वॉलीबॉल ,बॉस्केटबॉल ,शूटिंग बॉल, कबड्डी, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स के अलावा कई अन्य खेलों का प्रशिक्षण दिया जाता है।
