– भोपाल व मंडीदीप के ढाई लाख मजदूरों को मिलता लाभ
भोपाल
लंबे समय से गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र के सोनागिरी स्थित राज्य बीमा चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने का मामला पिछले 6 माह से उलझा पड़ा है । इसके बनने से भोपाल और मंडीदीप के करीब ढाई लाख मजदूरों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलता। इस और न तो क्षेत्रीय विधायक ध्यान दे रही है और न ही अफसर इसके चलते यह मामला अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है ।
सूत्र तो यह भी बतातें हैं कि राज्य सरकार के कतिपय अधिकारी अपने लाभ-शुभ के चलते इस मामले की जान बूझकर लटका रहे हैं । यदि राज्य सरकार के यह अधिकारी रोड़ा नहीं अटकायें तो यह सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल जल्द ही खुल सकता है क्योंकि भले ही केन्द्र सरकार ने हरी झंडी दे दी हो लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा निगम व राज्य सरकार के श्रम विभाग के कुछ अफसरों की आपसी खींचतान के चलते मामला लंबा खिंचता जा रहा है ।
सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद यह कहा जा रहा था कि माह सितंबर इस अस्पताल को बेहतर सुविधाऐं मिलेंगी । फिलहाल ईएसआई विभाग इसे राज्य सरकार को हेंड ओवर कर दे तो और जल्दी इसका रास्ता साफ हो सकता है । 6 माह से लगातार सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल शुरू नहीं होने से मजदूरों में रोष व्याप्त है ।
गौरतलब है कि भोपाल-मंडीदीप सहित आस-पास के जिलों में निजी संस्थानों और उद्योगों में काम करने वाले करीब 2.50 लाख निजी कर्मचारियों को अपने और अपने परिजनों के इलाज के लिए जल्द ही ज्यादा और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल खुलने से मरीजों की बेहतर जांच और इलाज और इलाज हो सकेगा। इससे भोपाल और आस-पास के जिलों में ईएसआईसी से जुड़े सभी निजी संस्थानों और उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों औऱ उनके परिजनों को इलाज की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
ऐसा बताया जा रहा है कि भोपाल औऱ मंडदीप की बात की जाए तो यहां निजी संस्थानों के करीब ढाई लाख से ज्यादा कर्मचारियों के वेतन से ईएसआई की राशि कटती है। भोपाल-मंडीदीप के ईएसआईसी से बीमित ढाई लाख से ज्यादा कर्मचारियों की 0.75 प्रतिशत राशि के रूप में हर माह करीब 2 करोड़ की राशि काटी जाती है।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें नहीं मिल रही है इस बीमा अस्पताल में
निजी कर्मचारियों की सैलरी से काटी जाने वाली राशि के बदले में ईएसआईसी और मप्र श्रम विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह बीमित व्यक्तियों को बेहतर औऱ मुफ्त इलाज मुहैया कराए। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। हालात ये हैं कि इतनी बड़ी राशि के लेने के बाद भी मजदूरों को बीमा अस्पताल में बेहतर इलाज तो दूर सामान्य दवाओं और सोनोग्राफी, एक्सरे जैसी सामान्य जांचों के लिए भी परेशान होना पड़ता है। स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे अस्पताल में फिलहाल स्पेशलिस्ट डॉक्टर व जांच की सुविधा नहीं है।
इनका कहना है
गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र के सोनागिरी स्थित राज्य बीमा चिकित्सालय को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनाने की प्रक्रिया जारी है । इस अस्पताल का काम जल्द शुरू करोने के प्रयास किये जा रहे हैं । इसके लिये संबंधित अधिकारियों से कल ही चर्चा करूंगी ।
कृष्णा गौर, विधायक, गोविंदपुरा विधान सभा क्षेत्र
इसका प्रपोजल डायरेक्टर ईएसआई के पास है । वह जल्द ही राज्य सरकार को भेजेंगे ।
डॉ. केसी झा संयुक्त निदेशक राज्य कर्मचारी बीमा निगम
सोनागिरी के बीमा अस्पताल को सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल बनायें जाने की प्रक्रिया जारी है । प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह पूरा मामला राज्य सरकार के हेंड ओवर किया जायेगा ।
डॉ. नटवर शारदा डायरेक्टर राज्य कर्मचारी बीमा निगम
