-बीएचईएल के पास 1 लाख 15 हजार करोड़ से अधिक के आर्डर
भोपाल
बीएचईएल ने देश की प्रगति और औद्योगिक विकास में महती भूमिका निभाई है और हमें इस बात पर गर्व है कि देश में आज जहॉं 50 प्रतिशत से अधिक विद्युत उत्पादन बीएचईएल निर्मित उपकरणों से होता है, भारतीय रेलवे के आधे से अधिक इंजन बीएचईएल निर्मित ट्रेक्शन मोटर से गतिमान हैं, वहीं चन्द्रयान-3 भी बीएचईएल द्वारा निर्मित बैटरी से सुसज्जित है और इसके निर्माण में बीएचईएल की भूमिका की सराहना की गई है । यह बात डॉ. नलिन सिंघल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बीएचईएल ने सांसकृतिक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों को संबोधित करते हुये कही ।
इस अवसर पर राजीव सिंह, कार्यपालक निदेशक, बीएचईएल, भोपाल, श्रीमती अंजुला सिंघल, श्रीमती शशि सिंह, सभी महाप्रबंधकगण विभिन्न ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि तथा भारी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे । डॉ. सिंघल ने कहा कि बीएचईएल एक महान इंजीनियरिंग कंपनी है और हमें अपनी क्षमताओं में विश्वास को और अधिक मजबूत करना है । प्रधानमंत्री द्वारा मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान की सफलता के लिए बीएचईएल पूर्ण रूप से प्रयासरत है ।
उन्होंने कहा कि बीएचईएल वर्ष 1960 से ही मेक इन इंडिया के क्षेत्र में अग्रणी रहा है और इसके उत्पादों ने न सिर्फ भारत में वरन विश्व के 80 से अधिक देशों में अपनी गुणता तथा विश्वसनीयता के लिए एक विशिष्ट स्थान अर्जित किया है । उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि बीएचईएल के पास 1 लाख 15 हजार करोड़ से अधिक के आदेश हैं जिनमें कर शामिल नहीं हैं । निश्चित तौर पर बीएचईएल के लिए यह एक गौरवपूर्ण स्थिति है ।
चार साल पहले से बेहतर स्थिति में बीएचईएल
चार वर्ष पूर्व बीएचईएल के भविष्य पर आशंका व्यक्त की जाने लगी थी लेकिन बीएचईएल के कर्मचारियों ने अपने अतुलनीय इंजीनियरिंग क्षमता, अनुभव और समर्पित टीम के कारण उद्योग जगत की तमाम शंकाओं को दूर करते हुए लाभार्जन किया और विभिन्न नए क्षेत्रों में प्रवेश कर अपनी इंजीनियरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया । भारतीय नौ-सेना से प्राप्त आदेश, कोल गैसीफिकेशन और रेलवे द्वारा वंदे भारत ट्रेन सेट के निर्माण के लिए बीएचईएल को प्रदत्त आदेश ने बाजार में इसकी साख को मजबूत आधार प्रदान किया है । उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि हमें ग्राहकों के विश्वास को बनाए रखते हुए हर हाल में सर्वोत्तम गुणता वाले उत्पादों का निर्माण करना है और विक्री उपरांत सेवा में भी ऐसी ही तत्परता दिखानी है । हमारे लिए सबसे जरूरी है कि हम ग्राहकों से जो भी वादा करें उसे हर हाल में पूरा करें । उन्होंने कहा कि हमारी सफलता तभी पूर्ण है जब हमारे ग्राहक यह कहें कि यदि बीएचईएल ने कोई कमीटमेंट किया है, तो वह जरूर पूरा होगा ।
बीएचईएल ने किया नये क्षेत्रों में प्रवेश
इस अवसर पर राजीव सिंह ने कहा कि बीएचईएल वर्षों तक थर्मल सेटों की आपूर्ति पर निर्भर था और अनेक प्रयास के बावजूद हम थर्मल से अपनी आत्मनिर्भरता से मुक्त नहीं हो पाए थे । लेकिन डॉ. सिंघल के नेतृत्व में पहली बार बीएचईएल ने अपने उत्पादों में विविधता लाते हुए नए क्षेत्रों में न सिर्फ प्रवेश किया, बल्कि अत्यंत कम समय में वहां अपनी साख भी स्थापित की । उन्होंने परियोजना केन्द्रित दिशा तथा ग्राहक संतुष्टि एवं पॉजीटिव केश कलेक्शन के लिए डॉ. सिंघल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने कर्मचारियों में एक नया विश्वास और जोश जगाया है और निश्चित रूप से उनका मार्गदर्शन कंपनी को नई ऊंचाईयों तक ले जाएगा । कार्यक्रम के अंत में अविनाश चन्द्रा, महाप्रबंधक ने आभार प्रदर्शन किया और डॉ. सिंघल के नेतृत्व और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला ।
चैयरमेन ने किया कारखाना और कस्तूरबा का अवलोकन
इससे पूर्व डॉ. सिंघल ने कारखाने के विभिन्न ब्लॉकों तथा कस्तूरबा अस्पताल का अवलोकन किया । साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं कर्मचारियों से भेंट की । इस दौरान उनका गर्म जोशी के साथ स्वागत किया गया । उन्होंने परिचर्चा सत्र के दौरान कर्मचारियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के भी उत्तर दिए ।
