— कार्यपालक निदेशक एसएम रामनाथन ने एमजीएम डिस्पेन्सरी से झंडा दिखाकर रैली की रवाना
भेल भोपाल।
बीएचईएल भोपाल में सोमवार को भगवान बिरसा मुंडा की 185वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया तथा संस्थान के जनजातीय कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों द्वारा एक विशाल चल रैली का आयोजन किया गया। भेल के कार्यपालक निदेशक एसएम रामनाथन ने एमजीएम डिस्पेन्सरी से झंडी दिखाकर रैली रवाना की।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासियों के सांस्कृतिक, सामाजिक विरासत के संरक्षण, राष्ट्रीय गौरव तथा भारतीय संस्कृति एवं मूल्यों को बढ़ावा देने में भारत के जनजातीय समुदायों का अप्रतिम योगदान है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आदिवासी स्वतंत्रता सैनानियों के सम्मान में 15 नवम्बर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बीएचईएल भोपाल में विभिन्न जनजातीय कर्मचारियों के समर्पण और कार्य के प्रति उनकी निष्ठा की प्रशंसा करते हुए उन्हें इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री सिंह ने जनजातीय गौरव दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के योगदान के लिए उनका नमन किया। उन्होंने कहा कि किस तरह ब्रिटिश राज में आदिवासियों की दुर्दशा और उनके शोषण को देखते हुए भारत सरकार ने उनके हित में कानून बनाए और प्रधानमंत्री द्वारा इस आयोजन को न सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर वरन वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में स्थापित किया गया है।
रैली में एमजीएम डिस्पेन्सरी से पैदल मार्च करते हुए पुरूष, महिलाएं और बच्चे बीएचईएल जनजातीय कर्मचारी संघ के कार्यालय तक पहुंचे जहॉं भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर एसएम रामनाथन, कार्यपालक निदेशक, बीएचईएल, भोपाल, बीके सिंह, महाप्रबंधक (मा.सं.), मनीष ठाकुर, आरिफ अहमद सिद्धीकी, अपर महाप्रबंधक (मा.सं.), संपर्क अधिकारी बीएचईएल अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जनजाति के कर्मचारी तथा भारी संख्या में अन्य लोग उपस्थित थे
