-हिंदी दिवस पर किया 25 पुस्तकालयों का लोकार्पण
झांसी,
हिंदी दिवस के अवसर पर गुरूवार को भारी उद्योग मंत्री डॉ.महेंद्र नाथ पाण्डेय ने भारी उद्योग मंत्रालय के 25 कार्यालयों के पुस्तकालयों का भेल झांसी के सभागार से वर्चुअल माध्यम द्वारा लोकार्पण किया गया। यह समारोह विजय मित्तल संयुक्त सचिव प्रभारी राजभाषा, भारी उद्योग मंत्रालय डॉ. नलिन सिंघल अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बीएचईएल, कृष्ण कुमार ठाकुर निदेशक मानव संसाधन बीएचईएल विनय निगम कार्यपालक निदेशक बीएचईएल झांसी, एम इसादोर कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन कॉरपोरेट कार्यालय की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
गौरतलब है कि बीएचईएल के अतिरिक्त भारी उद्योग मंत्रालय के अधीन अन्य उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस समारोह में सम्मिलित हुए। भारी उद्योग मंत्री ने सभी उपक्रमों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और पुस्तकालयों की स्थापना एवं आधुनिकीकरण हेतु उनके प्रयासों की सराहना की। साथ ही मंत्री ने झांसी इकाई के कारखाने का भ्रमण किया तथा इकाई में विनिर्मित विभिन्न उत्पादों से संबंधित जानकारियां प्राप्त कीं तथा इकाई की प्रगति हेतु यथावश्यक दिशा-निर्देश दिए।
संयुक्त सचिव भारी उद्योग मंत्रालय ने मंत्रालय द्वारा राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों से सभी को अवगत कराया। उन्होंने नियत समय के अंदर पुस्तकालयों की स्थापना करने और उन्हें आधुनिकीकृत करने के लिए सभी उपक्रमों को बधाई दी। इस अवसर पर अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बीएचईएल ने सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं और पुस्तकालयों की स्थापना तथा आधुनिकीकरण लक्ष्य प्राप्त करने पर बधाई दी। निदेशक मानव संसाधन बीएचईएल ने माननीय भारी उद्योग मंत्री एवं उपस्थित सभी अधिकारियों का स्वागत किया।
उन्होंने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी से हिंदी में कार्य करने की अपील की। इस अवसर पर बीएचईएल की इकाइयों में 75000 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा करने के उत्सव के रूप में हरित बीएचईएल अवधारणा पत्र का विमोचन भी भारी उद्योग मंत्री के द्वारा किया गया। यह लक्ष्य दो माह के अंदर ही पूरा कर लिया गया है। इस पहल की शुरुआत दिनांक 10 जुलाई 2023 को मंत्री श्री पाण्डेय द्वारा कारपोरेट कार्यालय के परिसर में प्रथम पौधा लगाकर की गई थी और आज मंत्री द्वारा लगाए गए पौधे के साथ 75000 पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया।
