भोपाल
भजनलाल शर्मा से पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया और उनका अभिनंदन किया। विभिन्न जिलों से आए संतों और समाज प्रतिनिधियों ने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय से प्रदेशभर में हर्ष और संतोष का वातावरण है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि खेजड़ी वृक्ष न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। मरुस्थलीय क्षेत्रों में यह वृक्ष जीवनदायिनी भूमिका निभाता है और जैव विविधता संरक्षण में भी सहायक है। ऐसे में इसके संरक्षण के लिए कानून बनाना समयोचित और सराहनीय कदम है।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने संतों और प्रबुद्धजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि खेजड़ी जैसे उपयोगी एवं पूजनीय वृक्षों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के हित में अत्यंत आवश्यक है। सरकार विकास और पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए ठोस एवं प्रभावी कदम उठा रही है।
संतों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कानून के माध्यम से खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई पर रोक लगेगी और जनजागरूकता भी बढ़ेगी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। बैठक के दौरान पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान तथा जनसहभागिता बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संतों एवं प्रबुद्धजनों ने सरकार के इस निर्णय को समाज और प्रकृति के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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