हरदा
अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के बाद हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि अवैध फैक्ट्री में करीब 15 टन विस्फोटक रखा हुआ था। इसमें आग लगने के बाद तेज धमाके होने लगे। हादसे में 11 लोगों की जान चली गई है। वहीं, 60 से अधिक घरों में आग लग गई है। बताया जा रहा है कि हादसे में दर्जनों लोग झुलस गए हैं। उन्हें स्थानीय अस्पताल के साथ-साथ भोपाल और इंदौर के अस्पतालों में भेजा जा रहा है। मंत्री और बड़े अधिकारियों को सीएम ने हेलीकॉप्टर से हरदा भेजा है। साथ ही मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपए मुआवजे देने का ऐलान किया है।
अवैध फैक्ट्री में ब्लास्ट
दरअसल, यह अवैध फैक्ट्री मगरधा रोड स्थित बैरागढ़ गांव में चल रही थी। मंगलवार सुबह साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच अचानक से आग की तेज लपटों के साथ धमाके होने लगे। धीरे-धीरे कर आग की लपटें तेज हो गईं। साथ ही इसकी गूंज पूरे शहर में सुनाई देने लगी। धमाके की आवाज सुनकर लोग इधर-उधर भागने लगे। वहीं, 100 घरों को खाली करवाया गया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर 15 टन बारूद रखे हुए थे।
घायलों को पहुंचाया जा रहा अस्पताल
हरदा जिला अस्पताल में अभी 25 घायलों को लाया गया है। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के अंदर दर्जनों मजदूर काम कर रहे थे। उनके बारे में कोई खबर नहीं है। अभी भी वहां रह-रहकर धमाके हो रहे हैं। फायर ब्रिगेड की टीम अभी अंदर नहीं पहुंची है। वहां आग बुझाने का काम जारी है।
सड़कों पर दिखा खौफनाक मंजर
वहीं, घटना के बाद सड़कों पर बाइक बिखरे हुए हैं। साथ ही कई शव और घायल लोग भी पड़े हुए दिखे हैं। पूरे शहर से भयावह तस्वीरें सामने आने लगी हैं। ऐसे में जनहानि बड़ी संख्या में हो सकती है।
सीएम ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
हरदा की घटना के बाद सीएम मोहन यादव ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। अभी तक मौत का सही आंकड़ा सामने नहीं आया है। सीएम के साथ मीटिंग में मुख्य सचिव वीरा राणा और डीजीपी सुधीर सक्सेना के साथ अन्य सीनियर अधिकारी मौजूद है। अभी राहत पहुंचाने और लोगों की जान बचाने की व्यवस्था की जा रही है।
लगा भूकंप आ गया
वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ब्लास्ट के बाद शहर में लगा कि भूकंप आ गया है। साथ ही कई इमारतें हिल गई थीं। हरदा के लोगों का कहना है कि हमलोगों ने ऐसा हादसा कभी नहीं देखा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री के अंदर जो लोग काम कर रहे थे, उनके बचने की संभावना कम ही है।
