भोपाल। अप्रैल का महीना आधा बीतते ही भोपाल में भीषण गर्मी के साथ पानी की किल्लत शुरू हो गई है। शहर के कई इलाकों में नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है, जिसका सबसे ज्यादा असर झुग्गी बस्तियों में देखने को मिल रहा है।
बस्तियों में हालात इतने खराब हैं कि टैंकरों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है, जिसके कारण लोग सुबह से ही बर्तनों की लाइन लगाकर इंतजार करने को मजबूर हैं। कई जगहों पर बोरिंग सूख जाने से निर्भरता पूरी तरह टैंकरों पर आ टिकी है। दोपहर की चिलचिलाती धूप में महिलाएं और बच्चे घंटों इंतजार के बाद भी जरूरत भर पानी नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए, अन्यथा मई-जून के महीनों में यह संकट और भी भयावह रूप ले सकता है।
