भोपाल
मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते मौसम ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी, मूसलधार बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 42 जिलों के लगभग 112 शहरों और कस्बों में बारिश का दौर जारी है, जिसमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
इस बेमौसम बदलाव का सबसे बुरा असर खेती पर पड़ा है; मंदसौर, शिवपुरी, आलीराजपुर, बैतूल और धार सहित 14 जिलों में भारी ओलावृष्टि और 74 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी के कारण गेहूं, चना, सरसों और संतरे की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। धार के मनावर में पपीते और केले के बगीचे जमीन पर बिछ गए, वहीं खरगोन में मक्का की फसल को भारी क्षति पहुंची है। श्योपुर जैसे इलाकों में भारी बारिश के बाद बाजार जलमग्न हो गए, जिससे व्यापारियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस बेमौसम बरसात और ठंडी हवाओं के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी 12.6°C के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जबकि भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी न्यूनतम पारा 15 से 16 डिग्री के बीच लुढ़क गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण यह स्थिति बनी है।
जहाँ एक ओर शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर खलिहानों में रखी कटी फसलों के भीगने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ घंटों तक इसी तरह बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, हालांकि शनिवार दोपहर तक मौसम के धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।
