भोपाल
रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध एवं जाग्रत तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास और अटूट धर्मभावना के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्रि के छठे दिन मंगलवार को शक्ति के छठे स्वरूप माँ कात्यायनी की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लेकर धर्म लाभ उठाया।
आकर्षक और दिव्य श्रृंगार
प्रातः 9:00 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी के मार्गदर्शन में यजमान शिवरतन नामदेव एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती अर्चना नामदेव द्वारा विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया गया। इस विशेष अवसर पर श्रीमती अर्चना नामदेव ने माँ कात्यायनी को मेहरून रंग की सिल्की साड़ी अर्पित की। स्वर्ण के समान चमकते वर्ण वाली माँ कात्यायनी का यह दिव्य और मनोहारी श्रृंगार भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा। माँ के चार भुजाओं वाले तेजस्वी स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
71 अखंड दीपों का आध्यात्मिक महत्व
मंदिर परिसर में इस नवरात्र 71 अखंड दीप प्रज्वलित किए गए हैं। आध्यात्मिक दृष्टि से इन दीपों को निरंतर भक्ति, साधना और अटूट श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। मंदिर समिति के अनुसार, इन दीपों का प्रकाश न केवल वातावरण को सकारात्मक और ऊर्जावान बनाता है, बल्कि नकारात्मक शक्तियों का नाश कर सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। मान्यता है कि अखंड ज्योति की सेवा से माँ दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं।
साहस और निर्भयता की देवी
माँ कात्यायनी को दुष्टों का संहार करने वाली और पराक्रम की देवी माना जाता है। पंडित जी ने बताया कि माँ की उपासना से भय, रोग और शत्रुओं का नाश होता है। विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए माँ कात्यायनी का पूजन अमोघ फलदायी है। नवरात्रि का छठा दिन आज्ञा चक्र से संबंधित होता है, जिससे साधकों में एकाग्रता और आत्मिक शक्ति का संचार होता है।
