इंदौर ,
मध्य प्रदेश के मिनी मुंबई यानी इंदौर लोकसभा सीट के घोषित चुनाव परिणाम से तीन बड़े रिकॉर्ड बन गए हैं. पहला यह कि किसी BJP प्रत्याशी (शंकर लालवानी) को सबसे ज्यादा वोट मिले. दूसरा देश में सबसे बड़ी जीत हुई है. तीसरा यह है कि भारत देश में पहली बार NOTA को 2.15 लाख से अधिक मत मिले.
इंदौर से दूसरी बार संसदीय चुनाव में उतरे बीजेपी के उम्मीदवार शंकर लालवानी को 12 लाख 26 हजार 751 वोट मिले हैं और करीब 10 लाख के अंतर से जीत हासिल हुई है. पिछले चुनाव में यह आंकड़ा 10 लाख 68 हजार 569 था. तब लालवानी ने 5 लाख 47 हजार 754 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी. मतलब इंदौर में बीजेपी प्रत्याशी ने अपनी जीत का रिकॉर्ड तोड़ डाला है और देश में सबसे भी सबसे बड़े अंतर से फतह हासिल की है.
बता दें कि गुजरात की नवसारी सीट से भाजपा उम्मीदवार सीआर पाटिल ने 2019 के लोकसभा चुनावों में सबसे अधिक अंतर से जीत दर्ज की, जहां उन्होंने अपने निकटतम कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी डीबी पाटिल को रिकॉर्ड 6 लाख 89 हजार मतों से हराया था. वहीं, अक्टूबर 2014 में हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की प्रीतम मुंडे ने महाराष्ट्र के बीड से 6.96 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी.
इसके अलावा, NOTA को पहली बार देश में 2 लाख 18 हजार 674 वोट मिले हैं. यह भी रिकॉर्ड है. इससे पहले यह कीर्तिमान 2019 में बिहार की गोपालगंज लोकसभा सीट पर नोटा का रिकॉर्ड 51 हजार 660 वोट या लगभग 5 प्रतिशत मतदान था.
शुरुाआत में इंदौर लोकसभा का चुनाव बिल्कुल ठंडा रहा. इसकी वजह है कि रिजल्ट शायद सबको पता था. दरअसल, इस सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार अक्षय कांति बम ने अप्रत्याशित ढंग से चुनावी नामांकन वापस लेकर सियासी हलकों में खलबली मचा दी थी. बीजेपी के उम्मीदवार शंकर लालवानी के सामने खाली मैदान छोड़ दिया था. हालांकि, कांग्रेस ने यहां बीजेपी को सबक सिखाने के मकसद से NOTA का प्रचार खूब किया था. शायद यही वजह है कि लगातार हो रही मतगणना के राउंड में NOTA को 2 लाख से अधिक वोट मिल गए.
बीजेपी के शंकर लालवानी को अब तक 12 लाख 23 हजार 746 वोट हासिल हो चुके हैं. लालवानी मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी जीत यानी 10 लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करने वाले हैं. दूसरे नंबर पर NOTA है. नोटा को रिकॉर्ड 2.18 लाख से ज्यादा मत प्राप्त होने जा रहे हैं. जबकि बसपा प्रत्याशी संजय सोलंकी को 51 हजार से अधिक वोट मिले हैं.
