नीमच
मंदसौर-नीमच के बड़े शराब कारोबारी अशोक अरोरा की हत्या की साजिश उसी के छोटे भाई राकेश अरोरा ने जानी दुश्मन बाबू सिंधी के साथ मिलकर रची थी। पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हो चुका है। शहर में अंधाधुंध फायरिंग को 10 बीत चुके है। इन 10 दिनों में 5 टीमों में शामिल करीब 35 पुलिसकर्मियों ने राजस्थान के भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, निंबाहेड़ा सहित नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और इंदौर के अलावा अन्य कई शहरों में दबिश दी। मामले में अब तक पुलिस 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इनमें मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड जय कुमार सबनानी उर्फ बाबू सिंधी, अशोक का छोटा भाई राकेश अरोरा सहित शूटरों को मोबाइल उपलब्ध कराने वाला निसार अहमद शामिल है। साथ ही रैकी करने वाले मंदसौर के कल्लू व जफर उर्फ गुलफाम को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, रतलाम के शूटर अकरम शाह ने राजस्थान के कोटा में सरेंडर कर दिया। उसे नीमच पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर नीमच लेकर आई।
हत्या की साजिश के कई पहलू
पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। करीब 3 साल पहले ही बाबू सिंधी और शराब कारोबारी अशोक अरोरा के बीच दुश्मनी पैदा हुई। बाबू सिंधी शहर का डॉन बनना चाहता था। इसलिए बार-बार अशोक अरोरा पर विभिन्न तरीकों से दबाव बना रहा था। इसी दरमियान केंद्रीय नारकोटिक्स ने बाबू सिंधी के गोदाम पर छापा मारा। गोदाम से बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा मिला।
बाबू को लगा रहा है कि इसके पीछे अशोक का हाथ है। करीब 2 साल जेल में रहने के बाद बेटे के इलाज का बहाना बनाकर डेढ़ माह पहले पैरोल पर आए बाबू सिंधी ने शराब कारोबारी अशोक को रास्ते हटाने की साजिश रची।
भाई बना विभीषण
उधर बाबू सिंधी एक माह की पैरोल पर घूम रहा था। इधर अरोरा परिवार में कारोबार व संपत्ति के बंटवारे को लेकर भाइयों में झगड़ा चल रहा था। इसी बात का फायदा उठाते हुए बाबू सिंधी ने अशोक के छोटे भाई राकेश अरोरा को अपने साथ शामिल कर लिया। अक्सर बाबू सिंधी और राकेश लग्जरी फार्म हाऊस पर मिलते थे। दोनों ने किराए के शूटरों को तैयार किया। इसके बाद 4 फरवरी को शांत शहर नीमच में गोलीबारी हुई। अशोक के अंगरक्षकों ने जवाबी हमला किया। इसमें हमले इंदौर के गौतमपुरा निवासी मुख्य शूटर बाबू फकीर ढेर हो गया। बाकी 3 शूटर मौके से भाग गए।
शूटरों को 2 करोड़ की सुपारी
बाबू सिंधी और राकेश अरोरा ने इंदौर, रतलाम, उज्जैन और मंदसौर के रहने वाले गुंडों-शूटरों को हायर किया। उन्हें 2 करोड़ रुपए की सुपारी देकर शराब कारोबारी को रास्ते से हटाने के लिए कहा, लेकिन हमले में मुख्य शूटर के कही मारे जाने से यह मामला उलटा हो गया।
अरोरा परिवार ने 90 के दशक में नीमच में पैर जमाए
मूलत: राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले कश्मीरीलाल अरोरा अपने पांच बेटों के साथ नीमच में आए थे। यहां उन्होंने शराब कारोबार में हाथ आजमाया। यह काम में उन्हें सफलता मिली और देखते ही देखते अविनाश ग्रुप ऑफ कंपनी नीमच, मंदसौर, चित्तौडगढ़, उदयपुर और अन्य जगह शराब का कारोबार करने लगी। कश्मीरीलाल का परिवार राजस्थान के गंगानगर का रहने वाला है। गंगानगर ग्रुप कहते हैं।
