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जमीन की तरह देवता नहीं बिकते हैं… सागर में मंदिर विवाद सुलझा, दोनों पक्षों की बैठक में निकल गया समाधान

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सागर

जिले में तीन दिन से मंदिर तोड़फोड़ विवाद और बबाल के तीसरे दिन भी तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि शाम को प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने बैठकर आपसी सहमति से इसका हल निकाल लिया। मंदिर जहां बना है, उसी स्थान पर रहेगा और जैन व जड़िया और हिन्दू समाज बिना विवाद के 700 वर्गफीट जमीन पर मंदिर बनाने के लिए सहमत हो गए हैं।

शाम को विधायक शैलेंद्र जैन, पूर्व महापौर अभय दरे सहित सोनी समाज और हिन्दू संगठनों के सदस्य चकराघाट से पैदल बड़ा बाजार स्थिति मंदिर तक पहुंचे और वहां दोनों पक्षों ने मिलकर मंदिर में विराजे देवता की आरती की है। उम्मीद की जा रही है कि अब मामला शांत हो गया है।

दोनों पक्षों में बनी सहमति
शहर के बड़ा बाजार, सराफा बाजार, इतवारा बाजार और चकराघाट इलाके में सोमवार को दिन भर बंद का माहौल बना रहा। पुलिस ने सख्ती से बाजार की दुकानें बंद रखी। हालांकि तीन दिन से चल रहे मंदिर तोड़फोड़ विवाद और तनाव का पटाक्षेप हो गया। शाम को शांति समिति की बैठक में दोनों पक्षों ने बैठकर मामले को बातचीत से हल करने की पहल करते हुए जड़िया समाज के कुलदेवता (गौंड बब्बा) के मंदिर को वर्तमान स्थान पर ही बनाए रखने और 700 वर्गफीट में मंदिर का पुर्नजीर्णोद्धार किया जाएगा। इस जगह और मंदिर को लेकर दोनों पक्षों में कोई मतभेद और विवाद नहीं रहेगा।

विधायक शैलेंद्र जैन बोले- मेरे संज्ञान में मामला नहीं था
तीन दिन से सागर के अशांत और तनावपूर्ण माहौल, मंदिरों में तोड़फोड़ और जैन समाज व सोनी और जड़िया समाज के आमने—सामने आने और बबाल के बावजूद दो दिन तक विधायक शैलेंद्र जैन पूरे परिदृश्य से नदारद थे। सवाल उठने पर विधायक जैन ने स्पष्ट किया कि वे संगठन चुनाव के लिए भोपाल में थे। इस मामले की जब उनको जानकारी लगी तो दोनों पक्षों से वे लगातार चर्चा कर रहे थे। यदि उन्हें पहले जानकारी मिलती तो मैं यह नौबत ही नहीं आने देता। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिंक विवाद और मामलों में उनका हस्ताक्षेप शून्य होता है यह सभी जानते हैं। हालांकि इस मामले में पहले से जानकारी होती तो ये नौबत नहीं आती।

आरोपियों को संरक्षण देने वालों का खुलासा हो
इस सारे घटनाक्रम के पूर्व हिन्दू संगठनों ने पीड़ित पक्ष के आवास पहुंचकर बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की थी। इस में भाजपा के पूर्व महापौर रहे अभय दरे भी शामिल हुए थे। बैठक में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल सहित अन्य दलों के पदाधिकारी शामिल हुए। बाद में मीडिया से चर्चा के दौरान अभय दरे ने स्पष्ट कहा कि मंदिर तोड़ने वाले आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

दोषियों को मिले कड़ी सजा
वहीं उन्होंने कहा कि जो मोनू जैन, आदर्श जैन व अन्य नकाब पहनकर मंदिर तोड़ा है, ऐसे नकाबपोशों को संरक्षण देने वाली अदृश्य ताकतों को सामने लाना चाहिए। वहीं मंदिर को लेकर उनका कहना था कि जैन समाज गौंड़ बब्बा के मंदिर की जमीन पर अपना हक जता रही है, वह 200 साल पुराना मंदिर है और हमारे जड़िया सोनी परिवार के लोग 200 साल से पीढ़ी दर पीढ़ी पूजा—पाठ करते आ रहे हैं। जमीने बिकती और खरीदी जाती हैं, देवता व मंदिर नहीं बेचे—खरीदे जाते हैं।

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