जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर भरतपुर के ऐतिहासिक बंध बारैठा में ‘वंदे गंगाजल संरक्षण जन अभियान-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र जलाशय का जल पूजन कर इस प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत की। पूर्णतः धार्मिक और सेवाभावी वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य संदेश जल की हर बूंद को सहेजना और जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना था। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल ही जीवन का मूल आधार है।
हमारी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध रखने के लिए उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पानी की बर्बादी रोकें, अपने आस-पास के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करें और जल संरक्षण के इस सरकारी प्रयास को एक बड़े जन आंदोलन का रूप दें। जल पूजन संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री ने बंध बारैठा परियोजना क्षेत्र का बारीक निरीक्षण किया।
उन्होंने मौके पर मौजूद जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चल रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट ली। परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल स्रोतों के संरक्षण, पानी के शुद्धिकरण और जलाशयों के रखरखाव से जुड़े सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में जल संकट के स्थायी समाधान के लिए रोडमैप बनाकर गंभीरता से कार्य कर रही है। गांव-गांव और शहरों में स्थित तालाबों, बांधों, बावडि़यों तथा अन्य पारंपरिक जल स्रोतों को दोबारा सहेजकर जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा दिया जा रहा है।
