पर्यटन मंत्री के बंगले पर ’11 अर्थियाँ’ लेकर पहुँचे कार्यकर्ता
भोपाल। जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे को “संस्थागत हत्याकांड” करार देते हुए आज राजधानी भोपाल में सियासत गरमा गई। भोपाल जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित खत्री के नेतृत्व में और प्रदेश युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, (ग्रामीण जिला अध्यक्ष) राहुल मंडलोई , प्रदेश महासचिव प्रिंस नवांगे, सचिव धनजी गिरी, लोकेंद्र शर्मा,की मुख्य उपस्थिति में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी के बंगले का उग्र घेराव किया गया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ता अपने कंधों पर 11 प्रतीकात्मक अर्थियाँ लेकर पहुँचे, जो सरकार की संवेदनहीनता के खिलाफ एक कड़ा संदेश था।
अभिषेक परमार का सरकार पर भ्रष्टाचार का बड़ा प्रहार
इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले प्रदेश युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने सीधे तौर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। परमार ने कहा कि “यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का परिणाम है। पर्यटन मंत्री और सत्ताधारी विधायकों ने नियमों को ताक पर रखकर अपने चहेते भांजे-भांजियों को अवैध रूप से डीजल क्रूज चलाने के ठेके दे रखे हैं। इन्हीं अवैध संबंधों और कमीशनखोरी के कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी कीमत मासूमों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।”

अमित खत्री ने घेरा: “अंधी-बहरी है भाजपा सरकार”
जिला अध्यक्ष अमित खत्री ने तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार की नींद तब तक नहीं खुलती, जब तक सड़कों पर मासूमों की लाशें और अर्थियाँ न बिछ जाएं।
उन्होंने प्रशासन से तीखे सवाल पूछे
जब डीजल क्रूज प्रतिबंधित हैं, तो किसके आदेश पर इन्हें संचालित किया जा रहा था?
खराब मौसम के अलर्ट के बावजूद क्रूज को पानी में क्यों उतारा गया?
मौके पर न लाइफ जैकेट थे, न रेस्क्यू टीम; आखिर इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?
युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है।
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत इस्तीफा दें।
लापरवाह कलेक्टर और SP पर धारा 302 (हत्या) का मुकदमा दर्ज हो।
मृतक परिवारों को ₹1 करोड़ की सम्मानजनक आर्थिक सहायता दी जाए।
प्रदेश के सभी जल-पर्यटन केंद्रों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराया जाए।
चेतावनी: अमित खत्री और अभिषेक परमार ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में उग्र रूप लेगा और प्रशासन की “ईंट से ईंट बजा दी जाएगी”।
