भोपाल। राजधानी के मिसरोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत कजलीखेड़ा (बोरदा) में सर्पदंश का शिकार हुए एक 50 वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक पिछले आठ दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था। बुधवार दोपहर को हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस और पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कजलीखेड़ा निवासी अनीस खान (50) पिता मुनीर खान बिजली विभाग में अटैच एक कार के चालक के रूप में कार्यरत थे। बीती 12 मई को वह अपने घर के पास खड़े थे, तभी अचानक उनके पैर में कुछ तीखा चुभने का अहसास हुआ। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद शरीर में जहर फैलने की पुष्टि की और बताया कि उन्हें किसी बेहद जहरीले जीव ने काटा है।
डॉक्टरों की बात सुनकर जब परिजन वापस घर लौटे और आसपास सघन तलाशी ली, तो उन्हें घर की सीढ़ियों के पास बने एक संकरे छेद में एक बड़ा सांप छिपा हुआ दिखाई दिया। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना सर्प विशेषज्ञ (स्नेक रेस्क्यूअर) को दी। मौके पर पहुंचे विशेषज्ञ ने मशक्कत के बाद सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिसे बाद में रिहायशी इलाके से दूर घने जंगल में छोड़ दिया गया। बताया जा रहा है कि काटने वाला सांप अत्यंत विषैला ‘ब्लैक कोबरा’ था। अस्पताल में वेंटिलेटर और गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में चले आठ दिनों के लंबे इलाज के बावजूद बुधवार सुबह अनीस खान ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे कजलीखेड़ा क्षेत्र में शोक की लहर है।
