-एक साल तक करती रही इंतजार, चार माह पहले तोड़ा दम
-अधिकारी व कर्मचारियों की मनमानी का हुई शिकार
भोपाल
देश के प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना इसलिये शुरू की थी कि इसका लाभ जरूरत मंद लोगों का मिल सके लेकिन ऐसा बहुत ही कम देखने को मिला है । जिन लोगों के पास राजनैतिक संरक्षण है या फिर अधिकारी व कर्मचारियों से सांठगांठ है उन्हें इस योजना का जमकर लाभ मिल रहा है जबकि जरूरत मंद आज भी योजना का लाभ लेने भटक रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनी खेज मामला भोपाल जिले कि बैरसिया तहसील का सामने आया है ।
जहां एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की विधवा को एक साल पहले आवेदन करने के बाद भी इस योजना का लाभ नहीं मिल सका। अपने भूखंड के सारे दस्तावेज व फीस देने के बाद भी यहां के अधिकारी-कर्मचारियों ने उन्हें यह सूचना भी देने की जरूरत नहीं समझी की आखिर उनके प्रकरण का निराकण क्यों नहीं किया जा रहा है । अंतत: उक्त महिला की चार माह पहले मृत्यु भी हो गई। उनके पुत्र चंद्रकांत दुबे ने बताया कि उनके पिता स्व. श्री कैलाशनारायण दुबे भोपाल जिला तहसील बैरसिया के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है उनका निवास बृहस्पति मार्ग खूटियापुरा बैरसिया में है लेकिन मकान गिर जाने के कारण वह भोपाल में रहने लगी । उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नि स्व. श्रीमती रामकुमारी दुबे की इच्छा थी कि वह बैरसिया स्थित भूखंड को बनाकर वहीं निवास करें ।
इसके लिये उन्होंने पिछले साल उनके पैतृक आवास को बनाने के लिये बैरसिया स्थित नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक आवेदन सारी खानापूर्ति करने के बाद तत्कालीन मुख्य नगर पलिका अधिकारी को दिया था । फार्म जमा होने के एक साल तक संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों ने उनके आवेदन के संबंध में कोई सुध नहीं ली।
साथ ही आवेदन पत्र का निराकरण हुआ या नहीं इसकी जानकारी भी नहीं दी । बार-बार चक्कर काटने के बाद भी इस प्रकरण का कोई निपटारा नहीं हो सका । श्री दुबे ने बताया कि इस बीच उनकी माता का भी स्वर्गवास हो गया । इसकी सूचना भी संबंधित नगर पंचायत को दे दी गई है। साफ जाहिर है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ आज भी जरूरत मंदों को नहीं मिल पा रहा है । ऐसे एक नहीं कई मामले बैरसिया नगर पंचायत में देखने को मिल सकते हैं।
