भोपाल
मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी परीक्षा को लेकर दिए गए फैसले पर पुनर्विचार की मांग उठाई है। मोर्चे ने निर्णय लिया है कि 13 मार्च को पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। मोर्चे के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक संगठनों और कर्मचारी संगठनों में शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। वर्तमान समय में कुछ अधिकारियों द्वारा शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की स्थिति बन रही है, जिसके कारण कई बार शिक्षकों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना पड़ता है और शासन का ध्यान आकर्षित करना पड़ता है। मोर्चे ने सर्वोच्च न्यायालय के टीईटी संबंधी फैसले पर सरकार से पुनर्विचार करने तथा पुनर्विचार याचिका दायर करने का आग्रह किया है। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी सकारात्मक पहल करने की मांग की गई है।
संयुक्त मोर्चा ने घोषणा की है कि 13 मार्च को प्रदेशभर के जिलों में सभी शिक्षक और कर्मचारी संगठन एकजुट होकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति और आंदोलन की नीति तय की जाएगी। मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष एमपी. द्विवेदी, प्रदेश संयोजक एसबी सिंह और महेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी अध्यक्ष सतीश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष अश्विनी चौबे, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक अनीता सारस्वत, प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा तथा प्रदेश महामंत्री सुभाष शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी संगठनों से एकजुट होकर ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।
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