भोपाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के नौवें संस्करण के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा के तनाव को दूर करने, पढ़ाई की चुनौतियों से निपटने और समय प्रबंधन के गुर सिखाए। विद्यार्थियों की गति के अनुरूप पढ़ाएं शिक्षक जबलपुर के उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र आयुष तिवारी के एक सवाल का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने शिक्षकों को अहम सुझाव दिए।
आयुष ने पूछा था कि कई बार छात्र शिक्षकों की पढ़ाने की गति के साथ तालमेल नहीं बैठा पाते। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा:”शिक्षकों को विद्यार्थियों की सीखने की गति के अनुरूप पढ़ाना चाहिए। साथ ही, लेसन प्लान पहले से विद्यार्थियों के साथ साझा करना चाहिए, ताकि छात्र विषय की पूर्व जानकारी जुटा सकें और कक्षा में बेहतर समझ विकसित हो सके।” सफलता का मंत्र: ‘पहले मन को जोतो, फिर मन को जोड़ो’प्रधानमंत्री ने एकाग्रता बढ़ाने के लिए एक अनूठा मंत्र दिया।
उन्होंने कहा कि “मन को जोतने” का अर्थ है विषय से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाना और “मन को जोड़ने” का अर्थ है उस पर पूरी एकाग्रता बनाए रखना। उन्होंने आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन और अनुशासन को सफलता की असली कुंजी बताया। मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय आयोजन राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में इस कार्यक्रम का राज्य स्तरीय आयोजन किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने लोकभवन में स्कूली बच्चों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर में विद्यार्थियों के साथ चर्चा सुनी और कहा कि जो समय का सही प्रबंधन करता है, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता।
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