अयोध्या
सोमवार को अयोध्या के सरयू तट पर एक साधु वेशधारी ने अपने दाहिने हाथ के का पंजा काटकर अलग कर दिया। पहले लोगों कोलगा कि यह तंत्र सिद्धि के चलते किया गया है। बाद में विमल मंडल नामके इस शख्स ने बताया कि उसने बिहार सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार (bihar corruption) से नाराज होकर यह कदम उठाया है। विमल मंडल बिहार के अररिया का रहने वाला बताया जाता है।
लोगों की सूचना पर एंबुलेंस से उसे अस्पताल भिजवाया गया। विमल मंडल ने सरयू के किनारे अपने हाथ काट कर एक शिकायती पत्र को भी अपने खून में रंग दिया। घायल हालात में भी उसने बताया कि 1 महीने 5 दिन पहले उसने प्रधानमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र लिखा था। इस पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर उसने अयोध्या में पीएम का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह कृत्य कर डाला।
मीडिया से बात करते हुए उसने कहा कि हमारे यहां 1300 महादलित हैं, कागज में सबको पक्का घर मिल गया है। असलियत है कि 95 प्रतिशत लोग झोंपड़ी में ही हैं। विमल मंडल अररिया बिहार में 5 साल से समाज सेवा का कार्य कर रहा है। उसने बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रशासन को 1अक्टूबर तक का समय दिया था। उसने बिहार में व्याप्त करप्शन को दूर करने के लिए 1 महीने पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र भेजा था।
