12.9 C
London
Friday, April 10, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही डिफॉल्टर बनने के करीब पहुंचा अमेरिका! पूरी...

ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही डिफॉल्टर बनने के करीब पहुंचा अमेरिका! पूरी दुनिया में आ जाएगा भूचाल

Published on

नई दिल्ली

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के एक दिन बाद ही अमेरिका में डेट सीलिंग यानी कर्ज की सीमा का संकट फिर सिर उठाने लगा है। अमेरिका की निवर्तमान वित्त मंत्री जेनेट येलन ने कुछ दिन पहले चेतावनी दी थी कि अमेरिका 21 जनवरी यानी आज अपनी डेट लिमिट पर पहुंच जाएगा। इसके बाद वित्त विभाग असाधारण उपाय करना शुरू देगा। इसका मतलब है कि विभाग सारे बिल नहीं चुका पाएगा और प्राथमिकता के आधार पर तय करेगा कि किस बिल का भुगतान किया जाए। इससे सोशल सिक्योरिटी यानी गरीबों की दी जाने वाली सरकारी सहायता पर असर होगा और अमेरिका कर्ज पर ब्याज का भुगतान नहीं कर पाएगा। इससे अमेरिका दिवालिया हो जाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी के दिवालिया होने का असर पूरी दुनिया पर होगा।

अमेरिका के लिए कर्ज का संकट कोई नया नहीं है। 2020 से देश का कर्ज 23.2 ट्रिलियन डॉलर से 36.2 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है। पांच साल में इसमें 13 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है। यानी महामारी से इसमें 57 फीसदी इजाफा हो चुका है। पिछले साल अमेरिका का कर्ज 105 दिन में 1 ट्रिलियन डॉलर बढ़ा था। डेट सीलिंग का मतलब है कि अमेरिका की सरकार इस सीमा से अधिक कर्ज नहीं ले सकती है। अगर कर्ज की सीमा इस स्तर तक पहुंचती है तो कांग्रेस को उधार लेने के लिए इस सीमा को बढ़ाना होगा। जून 2023 में भी इसी तरह की स्थिति आई थी और अमेरिका के पहली बार डिफॉल्ट करने का खतरा पैदा हो गया था। देश में जनवरी 2025 तक डेट सीलिंग को सस्पेंड कर दिया गया था।

सोशल सिक्योरिटी को खतरा
सवाल यह है कि अमेरिका कर्ज लेना बंद क्यों नहीं कर देता है? समस्या यह है कि अमेरिका का कर्ज नियंत्रण से बाहर हो चुका है। देश का राजकोषीय घाटा 1.8 ट्रिलियन डॉलर पहुंच चुका है जो उसकी जीडीपी का 6.4 फीसदी है। इसका मतलब है कि सरकार की कमाई कम हो रही है जबकि खर्चा बढ़ गया है। देश हर साल एक ट्रिलियन डॉलर ब्याज के भुगतान पर चुकाने पड़ रहे हैं। यह सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स को छोड़कर बाकी सभी खर्चों से ज्यादा है। सोशल सिक्योरिटी का बिल 1.45 ट्रिलियन डॉलर है। 21 जनवरी को डेट सीलिंग पर पहुंचते ही वित्त विभाग असाधारण उपाय शुरू कर देगा।

समस्या यह है कि इन उपायों का मकसद केवल समय काटना है। इससे डेट लिमिट नहीं बढ़ती है और न ही सरकार के खर्च में कमी आती है। ये उपाय जितने दिन तक रहेंगे, उतना ही अमेरिका के डिफॉल्ट होने का खतरा बढ़ता जाएगा। अगर अमेरिका की संसद ने डेट सीलिंग नहीं बढ़ाई तो ट्रेजरी यानी वित्त विभाग को यह तय करना होगा कि उसे कौन सा बिल देना है। इससे सोशल सिक्योरिटी पर असर हो सकता है और ब्याज का भुगतान मुश्किल हो जाएगा। इससे अमेरिका पर दिवालिया होने का खतरा बढ़ जाएगा।

दुनिया पर व्यापक असर
हाल में जिस तरह ट्रेजरी यील्ड और सोने की वैल्यू बढ़ी है, उससे साफ है कि अमेरिका में सबकुछ ठीक नहीं है। डेफिसिट बढ़ने से सरकार को ज्यादा बॉन्ड जारी करने होंगे। ज्यादा बॉन्ड होने से उनकी कीमत में गिरावट आएगी और यील्ड बढ़ेगी। इस संकट का समाधान यह है कि डेट लिमिट फिर बढ़ जाएगी लेकिन 1-2 साल बाद यह फिर सिर उठाएगा। इस साल अमेरिका का नेट इंटरेस्ट पेमेंट जीडीपी का 4.6 फीसदी पहुंच जाएगा जो दूसरे विश्व युद्ध के स्तर की तुलना में दोगुना है। अगर अमेरिका डिफॉल्ट हुआ तो इसका ग्लोबल इकॉनमी पर व्यापक असर होगा।

Latest articles

राज्यमंत्री गौर ने 90 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने गुरूवार को...

छत्तीसगढ़ में एआई आधारित शिक्षा की पहल, 2 लाख शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर। विष्णु देव साय ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा के माध्यम...

पुष्कर में शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में शामिल हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

पुष्कर (अजमेर)। भजनलाल शर्मा ने पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में भाग...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित हिंडोली दौरे को लेकर तैयारियों की समीक्षा

हिंडोली (बूंदी)। भजनलाल शर्मा के 11 अप्रैल को प्रस्तावित हिंडोली दौरे के मद्देनजर गुरुवार...

More like this

ट्रम्प बोले- ईरान से डील नहीं हुई तो उपराष्ट्रपति दोषी, अमेरिका ने जंग के बीच 3 आर्मी अफसरों को हटाया

तेहरान। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने जंग के बीच आर्मी चीफ जनरल...

Iran-US War: ईरान की पूरी लीडरशिप, नेवी… एयर फ़ोर्स और मिसाइलें सब खत्म, ट्रंप ने कहा- अब और बड़ा हमला करेंगे

वाशिंगटन डीसी। गुरुवार को US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Iran-US War) के साथ...