11.9 C
London
Tuesday, March 24, 2026
Homeराज्यअशोक गहलोत का चल गया जादू, कारण बताओ नोटिस पर नरमी के...

अशोक गहलोत का चल गया जादू, कारण बताओ नोटिस पर नरमी के संकेत

Published on

जयपुर

राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा के बीच बगावत करने वाले दो मंत्रियो पर नोटिस की तीर फुस्स होते दिखाई दे रहे हैं। चर्चा है कि गहलोत समर्थक मंत्रियों पर कांग्रेस आलाकमान ने नरम रुख अपना लिया है। अब माफी की बात होने लगी है। दूसरी तरफ सचिन पायलट कैंप ने मौन व्रत धारण कर लिया है। पायलट कैंप की तरफ से बयानबाजी बंद है। चर्चा है कि कांग्रेस आलाकमान सीएम गहलोत को चेंज करना नहीं चाहता है। हालांकि, सीएम गहलोत कह चुके हैं कि सोनिया गांधी के निर्देश पर वह सीएम पद छोड़ देंगे। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद राजस्थान के सियासी संकट की तस्वीर पूरी तरह से साफ होने के आसार है। पायलट समर्थकों का दावा कि सचिन पायलट को राजस्थान की कमान मिलने जा रही है। जबकि सीएम गहलोत के बदले हावभाव संकेत दे रहे हैं कि राजस्थान में कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है।

गहलोत समर्थकों पर नरमी के संकेत
कांग्रेस आलाकमान सीएम अशोक गहलोत समर्थकों को माफी दे सकता है। संकेत यही मिल रहे हैं। हालांकि, अभी निर्णय होना शेष है। कांग्रेस आलाकमान ने 25 सितंबर को मंत्री शांति धारीवाल और महेश जोशी को नोटिस दिया था। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने नोटिस का जवाब दे दिया है, जबकि महेश जोशी और धर्मेँद्र राठौड़ के नोटिस का जवाब अब देने की तैयारी कर रहे हैं। अधिकृत बैठक से अलग विधायकों की बैठक बुलाने पर कांग्रेस आलाकमान ने अनुशासनात्कमक नोटिस दिया था। 27 सितंबर को कांग्रेस अनुशासन समिति ने इन विधायकों को 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा था, लेकिन हैरानी करने वाली बात यह है कि मुख्य सचेतक महेश जोशी को ईमेल के जरिए 6 अक्टूबर को नोटिस मिला है। इन तीनों नेताओं को 10 दिन के भीतर जवाब देने को कहा था। यह समय सीमा समाप्त हो रही है।

महेश जोशी और राठौड़ ने नहीं दिया जवाब
गहलोत समर्थक मंत्री शांति धारीवाल तो जवाब भेज चुके हैं,लेकिन महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ ने जवाब नहीं भेजा है। मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि उन्हें 6 अक्टूबर को कांग्रेस आलाकमान का कारण बताओ नोटिस मिला है। इस हिसाब से वह 10 दिन के भीतर नोटिस का जवाब अनुशासन समिति को दे देंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान गहलोत समर्थकों पर सख्ती करने के पक्ष में नहीं है। वजह यह है कि सीएम गहलोत ने सोनिया गांधी से स्पष्ट कह दिया है कि सख्ती करने पर सरकार गिर सकती है।

 

Latest articles

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...

मोहन कैबिनेट की बड़ी सौगात: कर्मचारियों का DA 3% बढ़ा, ओबीसी युवाओं के लिए ‘शौर्य संकल्प योजना’ को मंजूरी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेश...

गुना-सीधी में सीएम का बड़ा प्रशासनिक एक्शन: एसपी-कलेक्टर हटाए, नए अधिकारियों की नियुक्ति

भोपाल मध्यप्रदेश में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना और सीधी जिलों में...

आईएसबीटी बस स्टैंड पर पटाखों के अवैध परिवहन को लेकर विवाद तेज

भोपाल लालघाटी स्थित आईएसबीटी बस स्टैंड पर पटाखों के अवैध परिवहन को लेकर विवाद गहराता...

More like this

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...

जयपुर मेट्रो विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक, प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के निर्देश

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर मेट्रो के विस्तार को लेकर एक...

टीकाकरण महिलाओं और किशोरियों के सुरक्षित भविष्य और स्वास्थ्य की दिशा में बीएचईएल द्वारा क्रांतिकारी कदम — ईडी

हरिद्वार भेल  हरिद्वार के मुख्य चिकित्सालय में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक...