सिडनी,
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के नेता बालेश धनखड़ (43) को पांच कोरियाई महिलाओं के साथ सुनियोजित तरीके से बलात्कार के लिए 40 साल की जेल की सजा सुनाई गई है, जिसमें 30 साल की गैर-पैरोल अवधि शामिल है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार को डाउनिंग सेंटर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सजा सुनाए जाने के दौरान दोषी कटघरे में बैठा रहा.धनखड़ ने सिडनी में अपने घर में या उसके आस-पास महिलाओं को नशीला पदार्थ देने से पहले उन्हें लुभाने के लिए फर्जी नौकरी के विज्ञापन पोस्ट किए.
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व IT सलाहकार ने इसके बाद महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की और उनका रेप किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि दोषी धनखड़ ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न का वीडियो भी बनाया. शुक्रवार को जेल भेजते हुए जिला न्यायालय के जस्टिस माइकल किंग ने कहा कि अपराधी का आचरण ‘पूर्व-नियोजित, विस्तृत रूप से निष्पादित, चालाकीपूर्ण और अत्यधिक हिंसक’ था और उसने दिखाया कि यौन संतुष्टि की उसकी इच्छा प्रत्येक पीड़ित के प्रति पूर्ण और निर्दयी थी.
स्प्रेडशीट में महिलाओं की जानकारी
21 से 27 साल की उम्र की सभी महिलाएं दुर्व्यवहार के वक्त या तो बेहोश थीं या उनकी हालत बहुत खराब थी. धनखड़ ने एक भयानक एक्सेल स्प्रेडशीट रखी थी, जिसमें उसने अपने फर्जी नौकरी विज्ञापन के प्रत्येक आवेदक को उसके रूप और बुद्धिमत्ता के आधार पर रेटिंग दी थी.
स्प्रेडशीट में हर पीड़िता के साथ उसकी बातचीत, उनकी डीटेल्स, उनकी कमजोरी और उनकी योजनाओं के लिए उसका आकलन भी दर्ज था. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 में गिरफ़्तारी से पहले तक, धनखड़ को भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय के बीच काफ़ी सम्मान प्राप्त था. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के एक सैटेलाइट समूह की स्थापना की और हिंदू काउंसिल ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता के रूप में काम किया.धनखड़ ने एबीसी, ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको, टोयोटा और सिडनी ट्रेन्स के साथ डेटा विज़ुअलाइज़ेशन कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया. वह 2006 में एक छात्र के रूप में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे।
अक्टूबर 2018 में पांचवे केस में पुलिस ने उसके सिडनी सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट यूनिट पर छापा मारा और डेट-रेप ड्रग्स और एक वीडियो रिकॉर्डर बरामद किया जिसे घड़ी रेडियो के रूप में छिपाया गया था. 2023 में एक जूरी ने उसे 39 अपराधों का दोषी पाया, जिसमें यौन उत्पीड़न के 13 मामले शामिल थे. धनखड़ ने महिलाओं को नशीला पदार्थ देने या सहमति के बिना सेक्स करने की बात से इनकार किया है.
समाचार एजेंसी ने द ऑस्ट्रेलिया के हवाले से बताया है कि धनखड़ को साल 2018 में गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त तक उन्हें बीजेपी के समर्थन वाले एक समूह के संस्थापक के रूप में भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में अच्छी पहचान मिली हुई थी. साथ ही वो हिंदू काउंसिल ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया के प्रवक्ता भी थे.
इसके साथ ही बालेश कई नामी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं. एबीसी में डेटा विज़ुअलाइज़ेशन कंसल्टेंट के तौर पर वो काम कर चुके थे. इसके अलावा वो ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको, टोयोटा और सिडनी ड्रेन्स में काम कर चुके हैं.
जज का कहना था कि बालेश खुद को समाज में घुलने-मिलने वाले व्यक्ति के तौर पर दिखाते जो दूसरों के जीवन स्तर को सुधारना चाहते थे, “ये उनके गंभीर रूप से विकृत और हमलावर चरित्र से एकदम विपरीत था.”
2018 में हुई गिरफ्तारी
कांग्रेस ने ट्वीट कर बालेश को बीजेपी का नेता बताया
इमेज कैप्शन, कांग्रेस के ट्वीट का स्क्रीनशॉट जिसमें उसने बालेश धनखड़ को बीजेपी का नेता बताया है. साल 2006 में बालेश धनखड़ एक छात्र के रूप में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे. धनखड़ को साल 2018 में सिडनी सेंट्रल बिज़नेस डिस्ट्रिक्ट यूनिट स्थित उनके घर पर छापा मारने के बाद गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त वो पांचवीं महिला को अपने जाल में फंसा चुके थे.
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, छापे के दौरान पुलिस को उनके घर से डेट रेप ड्रग्स और रेडियो की तरह दिखने वाली घड़ी में एक वीडियो रिकॉर्डर मिला. डेट रेप ड्रग्स, ड्रिंक में दी जाने वाली नशीली दवा है जिसका इस्तेमाल अपराधी, महिलाओं को नशे की हालत में लाने के लिए करते हैं.साल 2023 में एक ज्यूरी ने उन्हें 13 यौन हिंसा के मामलों समेत 39 मामलों में दोषी ठहराया.
धनखड़ इस बात से इनकार करते रहे हैं कि उन्होंने महिलाओं को नशीली दवा दी या फिर उनकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाए. उन्होंने एक संवाददाता से कहा था कि “मैं जिसे मंज़ूरी समझता हूं और क़ानून जिसे मंज़ूरी समझता है, उसमें फर्क है.”धनखड़ को 40 साल की सज़ा सुनाई गई है और उनका नॉन-परोल वक्त अप्रैल 2053 में ख़त्म होगा.
कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा
कांग्रेस ने इस ख़बर को बीजेपी से तो जोड़ा ही है, साथ ही आठ मार्च को होने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से भी जोड़ा है. पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर 51 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया है जिसके साथ लिखा है, “महिला दिवस पर साफ संदेश है, बीजेपी नेताओं से बेटी बचाओ.”
वहीं एक अन्य पोस्ट में पार्टी ने दो तस्वीरें पोस्ट कर लिखा कि “कोर्ट ने बालेश धनखड़ को 40 साल की सजा दी है और 30 साल तक पैरोल न देने का आदेश दिया है. ऑस्ट्रेलिया के कोर्ट ने कहा है कि ये जघन्य अपराध है, ये हैवानी प्रवृति है” साथ ही वीडियो में भी कांग्रेस ने कई तस्वीरें शेयर की गई हैं जिनमें बालेश धनखड़ पीएम नरेंद्र मोदी के साथ दिखते हैं. साथ ही लिखा है कि “ये बीजेपी के वरिष्ठ नेता थे जो ऑस्ट्रेलिया में रहते थे.”
