13.5 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसमुद्र में 2000 मीटर नीचे 'स्पेस स्टेशन' बना रहा चीन, अमेरिका के...

समुद्र में 2000 मीटर नीचे ‘स्पेस स्टेशन’ बना रहा चीन, अमेरिका के होश उड़े, जिनपिंग का इरादा क्या है?

Published on

बीजिंग

चीन ने वर्षों की बहस और तकनीकी समीक्षा के बाद गहरे समुद्र में रिसर्च फैसिलिटी को हरी झंडी दे दी है। इसे समुद्र का ‘स्पेस स्टेशन’ भी कहा जा रहा है। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे समुद्री खोज को फिर से परिभाषित किया जा सकता है। इसके साथ ही दुनिया के सबसे संसाधन समृद्ध क्षेत्रों में से एक में चीन के भू-राजनीतिक लाभ को बढ़ा सकती है। कोल्ड सीप इकोसिस्टम रिसर्च फैसिलिटी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दक्षिण चीन सागर की सतह से 2,000 मीटर (6,560 फीट) नीचे स्थापित की जाएगी। इस क्षेत्र पर कई देशों का दावा है। इसके बावजूद चीन अपनी आक्रामक सैन्य रणनीति से सबको परेशान किया हुआ है।

2030 में चालू होगी फैसिलिटी
यह फैसिलिटी- अब तक की सबसे गहरी और तकनीकी रूप से सबसे जटिल अंडरवाटर इंस्टॉलेशन में से एक है। यह लगभग 2030 तक चालू होने वाली है, जिसमें छह वैज्ञानिकों के लिए जगह होगी जो एक महीने तक चलने वाले मिशन पर होंगे। इस फैसिलिटी को रिसर्च कम्युनिटी के बीच गहरे समुद्र में अंतरिक्ष स्टेशन के रूप में जाना जाता है। इसका उपयोग ठंडे सीप पारिस्थितिकी तंत्रों का अध्ययन करने के लिए किया जाएगा। ये मीथेन-समृद्ध हाइड्रोथर्मल वेंट हैं, जो अद्वितीय जीवन रूपों से भरे हुए हैं और जिनमें मीथेन हाइड्रेट्स के विशाल भंडार हैं, जिन्हें ज्वलनशील बर्फ भी कहा जाता है।

समुद्र से खजाना निकालेगा चीन
स्टेशन के डिजाइन का विवरण इस महीने चीनी अकादमी ऑफ साइंसेज के साउथ चाइना सी इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोलॉजी के शोधकर्ता यिन जियानपिंग और उनके सहयोगियों ने मैन्युफैक्चरिंग एंड अपग्रेडिंग टुडे पत्रिका में लिखा था। प्रमुख विशेषताओं में लॉन्ग टर्म लाइफ सपोर्ट सिस्टम शामिल है जिसकी तब आवश्यकता होगी जब वैज्ञानिकों को मीथेन प्रवाह, साथ ही पारिस्थितिक बदलाव और टेक्टोनिक गतिविधि को ट्रैक करने के लिए एक स्थायी निगरानी नेटवर्क का निर्माण और संचालन करना होगा।

पृथ्वी के कोर तक होगी चीन की पहुंच
यिन और उनके सहयोगियों ने लिखा, “निर्माण जल्द ही शुरू होगा”, जिन्होंने कहा कि स्टेशन का उद्देश्य मानव रहित पनडुब्बियों, सतह के जहाजों और समुद्र तल वेधशालाओं के साथ मिलकर काम करना था ताकि एक ” फोर डायमेंशनल” निगरानी ग्रिड बनाया जा सके। यह स्टेशन एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर वेब का आधार बनेगा, जिसमें समुद्र तल पर चीन का विशाल फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क और ड्रिलिंग जहाज मेंगजियांग शामिल होगा, जिसका लक्ष्य पृथ्वी के मेंटल तक पहुंचने वाला पहला जहाज बनना है।

Latest articles

MP में कांग्रेस को झटका: दतिया विधायक राजेंद्र भारती तिहाड़ जेल भेजे गए, 25 साल पुराने बैंक घोटाले में दोषी करार

दतिया। मध्यप्रदेश (MP) में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक...

School chale hum: शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य, बच्चों को दिया जाएगा प्रवेश

शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री...

इजरायल का बड़ा दावा: लेबनान में मारा गया ईरानी कमांडर अल-जौहरी

तेहरान। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल (Middle East War) के हमले जारी हैं...

Haldi Jeera Water: वजन घटाने में बेहद कारगर है हल्दी-जीरे के पानी, बनाना भी बहुत आसान

Haldi Jeera Water: किचन में रखे कुछ मसालों का इस्तेमाल सिर्फ खाने के स्वाद...

More like this