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Saturday, March 7, 2026
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कांग्रेस ने सोनिया के खिलाफ अपमानजनक व्यवहार को लेकर स्पीकर को लिखी चिट्ठी, , BJP पर बोला हमला

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नई दिल्ली

कांग्रेस ने गुरुवार को दावा किया कि सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत बीजेपी के कई सांसदों एवं मंत्रियों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया। कांग्रेस का यह भी दावा है कि लोकसभा में ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई थी कि सोनिया को चोट भी पहुंच सकती थी। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि अपनी मंत्री और नेताओं के इस व्यवहार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए।

अधीर रंजन चौधरी सहित कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के मामले (सत्तारूढ़ पार्टी के सांसदों द्वारा अपमानजनक दुर्व्यवहार) को विशेषाधिकार समिति के अधीन भेजने में हस्तक्षेप करने की मांग की।

क्या है मामला
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहने को लेकर भाजपा सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा किया और सोनिया गांधी से माफी की मांग की। चौधरी का कहना है कि एक चैनल से बातचीत में उनके मुंह से एक बार चूकवश यह शब्द निकल गया था, लेकिन भाजपा तिल का ताड़ बना रही है। कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा के भीतर इसी विषय को लेकर भाजपा के सदस्यों और मंत्रियों ने सोनिया गांधी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया।

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘अधीर रंजन चौधरी पहले ही माफी मांग चुके हैं। अगर वे (भाजपा सदस्य) हमसे अपेक्षा करते हैं कि महिला नेत्री और राष्ट्रपति का सम्मान करें तो उन्होंने ऐसा व्यवहार क्यों नहीं दिखाया? सोनिया जी के साथ जो व्यवहार हुआ वह ठीक नहीं है। आज सोनिया जी को शारीरिक रूप से चोट पहुंच सकती थी।’

‘सोनिया जी डर जाएंगी तो यह उनकी भूल है’
गोगोई ने कहा, ‘भाजपा के लोग सोचते हैं कि सोनिया जी डर जाएंगी तो यह उनकी भूल है। सोनिया जी एक निडर और शालीन नेता हैं। वह स्वयं भाजपा की महिला सांसदों के पास गईं और बहुत शालीन तरीके से बातचीत करना चाहती थीं। लेकिन उनकी शालीनता के उत्तर में भाजपा सांसदों द्वारा बहुत बुरा व्यवहार किया गया।’

उन्होंने दावा किया, ‘भाजपा सांसदों और मंत्रियों ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर ऐसा माहौल बनाया जिसमें उन्हें चोट पहुंच सकती थी। महिला सांसदों ने तो आपत्तिजनक व्यवहार किया ही, पुरूष सांसदों ने भी आपत्तिजनक बातें और व्यवहार किया। हमारी नेता निडर रहीं, शालीन बनी रहीं।’ इससे पहले गोगोई ने ट्वीट किया, ‘आज भारत की एक बहुत ही वरिष्ठ नेता, जो बुजुर्ग महिला हैं और कोविड संक्रमण से उबर रही हैं, उन पर हमला किया गया। केंद्रीय मंत्रियों ने उनका अपमान किया और भाजपा सांसद उन्हें चोट पहुंचा सकते थे। भाजपा सांसदों ने संसद के भीतर जो किया, उससे उनकी भीड़ वाली मानसिकता प्रदर्शित होती है।’

कांग्रेस सांसद ज्योत्सना चरणदास ने लगाए ये आरोप
कांग्रेस सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा, ‘सोनिया जी भाजपा की महिलाओं सांसद से बात करना चाहती थीं और उनके पास गईं। इसी बीच, वहां स्मृति ईरानी आ गईं और अंगुली दिखा-दिखाकर ऐसी बातें की जो अपमानजनक हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सोनिया जी, पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी हैं,देश की वरिष्ठ नेता हैं और बहुत वरिष्ठ सांसद हैं। उनके साथ यह व्यवहार देखकर दुख हुआ। इसके लिए प्रधानमंत्री जी को माफी मांगनी चाहिए।’ कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा ने कहा, ‘‘स्मृति ईरानी और कई अन्य भाजपा सांसदों ने जिस तरह से बर्ताव किया है वो बहुत दुखद है। हमने किसी तरह वहां से सोनिया जी को बाहर निकाला। इसके लिए प्रधानमंत्री और स्मृति ईरानी को माफी मांगनी चाहिए।’

‘स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी से अमर्यादित व्यवहार किया’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि संसद में आज मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने सांसद एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से अमर्यादित व्यवहार किया व उन्हें अपमानजनक शब्द कहे। श्रीमती सोनिया गांधी भाजपा की एक सांसद रमा देवी से बात कर रही थीं। स्मृति ईरानी ने सोनिया गांधी जी को घेरकर बड़े ही अपमानजनक लहजे में उनको अपशब्द कहे। जब सोनिया जी ने उनसे शालीनता से कहा कि मैं आपसे बात नहीं कर रही मैं दूसरी सांसद से बात कर रही हूं तो स्मृति ईरानी चिल्लाकर बोलीं ‘you don’t know me, who I am’.

‘कई पार्टियों के सांसद इस घटना के गवाह’
जयराम रमेश ने कहा कि कई अन्य पार्टियों के सांसद व कांग्रेस सांसद इस घटना के गवाह हैं। ये कौन सी मर्यादा है? क्या एक सांसद साथी सांसद से बात भी नहीं कर सकती। स्मृति ईरानी राजनीतिक तरीके से अपनी बात रख सकती हैं। वे एक वरिष्ठ सांसद और एक पार्टी की अध्यक्ष के साथ इस तरह heckling वाले रवैए पर क्यों उतारू हैं। ये संसद एवं राजनीति की मर्यादा के खिलाफ है।राजनीतिक विरोध अपनी जगह लेकिन क्या किसी वरिष्ठ सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार जायज है ?

उन्होंने कहा, ‘राज्यसभा में कुछ भी हो रहा है। वित्त मंत्री को शून्यकाल में बोलने की इजाजत मिली। फिर सदन के नेता को प्रश्नकाल में अपना पक्ष रखने दिया गया। सभापति को स्वतंत्र होना चाहिए लेकिन अफसोस…… मैंने सुझाव दिया कि सभी विपक्षी सांसदों को निलंबित कर देना चाहिए जैसे गुजरात विधानसभा में होता था।’

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