वॉशिंगटन:
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में फंसी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने धरती पर बात की। उनका मानना है कि उन्हें बोइंग स्टारलाइनर के जरिए वापस पृथ्वी पर ले जाया जा सकता था अगर अंतरिक्ष यान की समस्याओं पर काम करने के लिए ज्यादा समय मौजूद होता। पिछले सप्ताह बैरी विल्मोर और सुनीता विलियम्स ने बोइंग स्टारलाइनर को स्पेस स्टेशन से धरती की ओर जाते हुए देखा था। लगभग तीन महीने पहले वह इसी अंतरिक्ष यान के जरिए स्पेस स्टेशन पर पहुंचे थे। लेकिन अब यह बिना अंतरिक्ष यात्रियों के खाली पृथ्वी पर लौटा है।
शुक्रवार को एक वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि हम उस पॉइंट तक पहुंच सकते थे, जहां हम स्टारलाइनर के जरिए लौट सकते थे। लेकिन हमारे पास समय खत्म हो गया।’ 5 जून को दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने स्पेसक्राफ्ट के पहले मानव मिशन के हिस्से के तौर पर स्टारलाइनर से उड़ान भरी। उनके मिशन का लक्ष्य स्पेस स्टेशन के साथ जुड़ना, आठ दिनों तक वहां रहना और फिर स्टारलाइनर के जरिए वापसी था।
2025 में होगी वापसी
स्पेस में पहुंचने के दौरान स्टारलाइनर को कई खराबियों का सामना करना पड़ा। स्पेसक्राफ्ट में हीलियम लीक और थ्रस्टर में खराबी आ गई, जिस कारण इसकी वापसी मुश्किल हो गई। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को अब फरवरी 2025 तक स्पेस में रहना पड़ेगा। पिछले महीने नासा ने फैसला किया कि विलियम्स और विल्मोर फरवरी में स्पेसएक्स के क्रू-9 उड़ान के जरिए वापसी करेंगे। स्टारलाइनर सुरक्षित धरती पर लौट आया है। ऐसे में विल्मोर ने कहा कि वह स्पेस में रहने के निर्णय से बिल्कुल भी निराश नहीं हैं।
स्टारलाइनर की वापसी पर क्या कहा?
बुच विल्मोर ने कहा, ‘इस मामले में, हमें कई ऐसी चीजें मिलीं, जिस कारण हम स्टारलाइनर के जरिए वापसी में सहज नहीं हो सकते थे। जबकि हमारे पास दूसरे विकल्प भी हैं।’ सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह इस बात को लेकर खुश हैं कि स्टारलाइनर बिना किसी समस्या के पृथ्वी पर उतरा, भले ही वह उस पर नहीं थे। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा कि उन्हें जो मदद मिली है उससे नई वापसी समयसीमा बदलने में आसानी हुई है।
