काठमांडू
नेपाल और पाकिस्तान में कुछ घंटों के बीच आए भूकंप के जोरदार झटके से लोगों में अफरातफरी मच गई। नेपाल में गुरुवार-शुक्रवार की आधी रात के बाद आए इस भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई, जिसका केंद्र जमीन के 10 किमी नीचे था। नेपाल के अलावा भारत के बिहार में भी झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
हाल ही में असम में हिली थी धरती
नेपाल के बाद शुक्रवार सुबह पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके दर्ज किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई, जिससे कई इलाकों में हलचल देखी गई। इससे पहले गुरुवार तड़के असम के मोरीगांव में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 16 किलोमीटर की गहराई पर था। वहीं, बुधवार शाम लद्दाख में भी 3.5 तीव्रता के हल्के झटके महसूस किए गए। राहत की बात यह रही कि किसी भी स्थान पर जान-माल की हानि की खबर नहीं है।
भूकंप का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 26 फरवरी को म्यांमार में भी हल्के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 3.1 दर्ज की गई। इसका केंद्र भी 10 किलोमीटर की गहराई पर था। लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से लोग चिंतित हैं और वैज्ञानिक भी इस गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भूकंप की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सतर्कता जरूरी है। भूकंप संभावित इलाकों में तैयारियों को मजबूत करने और जागरूकता फैलाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किसी आपदा की स्थिति में नुकसान को कम किया जा सके। नेपाल पुलिस के डीआईजी दिनेश कुमार आचार्य ने बताया, “सुबह आए भूकंप के कारण किसी की मौत या घायल होने की कोई खबर नहीं है। भूकंप के केंद्र में भी बुनियादी ढांचे को कोई बड़ा नुकसान होने की खबर नहीं है।”
