नई दिल्ली
5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। इससे ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की आपदा पार्टी ने यहां के 11 साल बर्बाद कर दिए हैं। दिल्ली के हर परिवार से मेरी प्रार्थना है कि राज्य में हमें आप सबकी सेवा का मौका जरूर दें। मैं गारंटी देता हूं कि आपकी हर मुसीबत हर परेशानी को दूर करने के लिए खप जाऊंगा।
दिल्ली के आर.के.पुरम में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज बसंत पंचमी का पावन अवसर है। आप सभी को बसंत पंचमी का बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मेरी कामना है कि मां सरस्वती का आशीर्वाद दिल्लीवासियों पर, देशवासियों पर बना रहे। हमारा आरके पुरम एक भारत श्रेष्ठ भारत का बेहतरीन उदाहरण है। यहां देश के अलग-अलग राज्यों के हजारों लोग एक साथ रहते हैं। उसमें से बहुत से मेरे साथी सरकार में सेवा दे रहे हैं। मोदी जैसे काम करने वाले प्रधानमंत्री को ताकत देने का काम करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें ऐसी डबल इंजन की सरकार बनानी है जो लड़ाई झगड़े के बजाय दिल्ली के लोगों की सेवा करे। जो बहाने बनाने के बजाय दिल्ली को सजाने संवारने में ऊर्जा लगाए। आपने आने वाले 5 साल के लिए केंद्र में बीजेपी की पक्की सरकार बना ली है। अब गलती से भी यहां आपदा सरकार नहीं आनी चाहिए जो दिल्ली के 5 और साल बर्बाद कर दे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर नेहरू जी के जमाने में आप 12 लाख रुपये कमाते तो 12 लाख रुपये की आय पर आपकी एक चौथाई सैलरी सरकार वापस ले लेती। अगर आज इंदिरा जी का जमाना होता तो 12 लाख रुपये तक की आय पर आपके 10 लाख रुपये टैक्स में चले जाते। 10-12 साल पहले तक, कांग्रेस की सरकार में अगर आप 12 लाख रुपये कमाते तो आपको 2 लाख 60 हजार रुपया टैक्स देना होता। बीजेपी सरकार के बजट के बाद, साल में 12 लाख कमाने वाले को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
आरके पुरम की जनसभा को संबोधित करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि 5 फरवरी को जब दिल्ली में मतदान हो रहा होगा तो आप सभी दिल्ली की किस्मत लिख रहे होंगे। आप सभी उस दिल्ली की किस्मत लिखेंगे जो विकसित दिल्ली होने वाली है, जो विकसित भारत की विकसित राजधानी होने वाली है। 2025 का बजट हमारे समाज के हर वर्ग के लिए है क्योंकि उस बजट में समाज के हर वर्ग के उत्थान की चिंता की गई है।
