17 C
London
Friday, April 17, 2026
Homeराष्ट्रीयरात के 2 बजे मुझे कॉल किया और कहा रूम में आ...

रात के 2 बजे मुझे कॉल किया और कहा रूम में आ जाओ… एयर फोर्स की महिला अफसर ने बताई आपबीती, उस रात क्या हुआ था?

Published on

नई दिल्ली

‘वो 31 दिसंबर 2023 की रात थी। ऑफिसर्स मेस में नए साल की पार्टी रखी गई थी और मैं भी इस पार्टी में मौजूद थी। रात 12 बजे तक नए साल का जश्न मना और फिर धीरे-धीरे, एक-एक कर लोग पार्टी से जाने लगे। पार्टी खत्म होते-होते रात के लगभग 2 बज चुके थे और मैं भी घर जाने की तैयारी में थी कि तभी मेरे मोबाइल की घंटी बजी। फोन विंग कमांडर का था। उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम्हें नए साल का गिफ्ट मिला या नहीं? जब मैंने कहा नहीं, तो वो बोले कि तुम्हारा गिफ्ट मेरे रूम में रखा है….’। ये आपबीती है इंडियन एयर फोर्स में तैनात उस महिला अफसर की, जिसने एक विंग कमांडर के ऊपर यौन शोषण का आरोप लगाया है।

पीड़ित महिला अफसर श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन में तैनात हैं। अपनी शिकायत में उसने कहा है कि पिछले लगभग 2 साल से उसका उत्पीड़न किया जा रहा था। उसकी शिकायत के आधार पर 8 सितंबर 2024 को बडगाम पुलिस स्टेशन में रेप से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़ित महिला का कहना है कि पिछले दो साल के दौरान श्रीनगर एयरफोर्स स्टेशन के अधिकारियों ने उसे लगातार उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और मानसिक यातनाएं दी हैं। अपनी शिकायत में पीड़ित महिला अफसर ने उस रात की आपबीती भी बयां की है।

गिफ्ट के लिए रूम में बुलाया और…
महिला अफसर ने अपनी आपबीती में बताया, ‘जब विंग कमांडर का फोन आया और मुझे रूम में आने के लिए कहा गया, तो थोड़ा अजीब लगा। मैंने उनसे पूछा कि क्या वहां उनकी पत्नी और बच्चे हैं। इसपर उन्होंने जवाब दिया कि वो कहीं गए हुए हैं, तुम आओ और अपना गिफ्ट ले जाओ। मैं उनके रूम में पहुंची, तो थोड़ी देर की बातचीत के बाद ही उन्होंने मेरे साथ छेड़छोड़ करना शुरू कर दिया। वो मुझे अपने साथ ओरल सेक्स के लिए मजबूर करने लगे। मैं बुरी तरह डर चुकी थी और बार-बार उनसे खुद छोड़ने की गुहार लगा रही थी।’

समझ ही नहीं आया कि मेरे साथ क्या हुआ…
पीड़िता ने आगे कहा, ‘मैंने उनसे बार-बार कहा कि ऐसा मत कीजिए, लेकिन वो नहीं रुक रहे थे। अपनी पूरी ताकत के साथ मैंने उनका विरोध किया और उन्हें धक्का देकर रूम से बाहर भाग आई। जाते-जाते भी उन्होंने कहा कि शुक्रवार को उनकी फैमिली बाहर जा रही है, हम उस दिन मिलेंगे। बाहर आकर मैं सदमे में थी। बहुत देर तक को मुझे समझ ही नहीं आया कि मेरे साथ क्या हुआ है। मैं डर गई थी और मुझे नहीं पता था कि क्या करना है क्योंकि इससे पहले भी कई ऐसे मामले थे जब मुझे घटना की रिपोर्ट करने से मना किया गया था।’

मानसिक हालत को बयां नहीं कर सकती…
अपनी आपबीती में महिला अफसर ने बताया, ‘अगले दिन मैं ऑफिस गई, लेकिन मेरे दिमाग में रात की बातें घूम रहीं थी। मैं अपनी मानसिक हालत को बयां नहीं कर सकती। एक शादीशुदा महिला को सेना में शामिल होने के बाद ये सब सहना पड़ा था। मैं सोच नहीं पा रही थी कि आगे क्या करना है, तभी वो मेरे ऑफिस आ गया। उसका बर्ताव इस तरह का था कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं। उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। ना ही आंखों में कोई पछतावा। जब मुझे कुछ नहीं सूझा तो मैंने अपनी दो साथी महिला अधिकारियों से इस बात का जिक्र किया और उनसे सलाह मांगी। मेरी बात सुनकर उन्होंने मुझे मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा।’

जांच के नाम पर मुझे ही परेशान किया गया…
पीड़िता ने कहा, ‘हिम्मत जुटाकर मैंने मामले की शिकायत दर्ज कराई और मेरे केस की जांच के लिए कर्नल रैंक के एक अधिकारी को नियुक्त किया गया। जनवरी के महीने में दो बार विंग कमांडर को मेरे साथ बिठाकर, हम दोनों के बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया। उनकी मौजूदगी पर मैंने आपत्ति जताई तो कुछ दिन बाद ही जांच बंद कर दी गई। इसके बाद मैंने आंतरिक समिति के पास लिखित शिकायत दी और दो महीने बाद मुझे बुलाया गया। कई बार कहने के बावजूद मेरी मेडिकल जांच तक नहीं कराई गई। मुझे ऐसा लगने लगा कि हर कोई विंग कमांडर को बचाने में लगा हुआ है।’

चश्मदीद नहीं था इसलिए बंद हुई जांच
महिला अफसर ने आगे बताया, ‘मैंने छुट्टी की अर्जी दी, जिसे नामूंजर कर दिया गया। इसके अलावा मैंने ये भी गुहार लगाई कि मेरी या विंग कमांडर की पोस्टिंग अलग-अलग कर दीजिए, लेकिन इसपर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिस इंसान ने मेरा उत्पीड़न किया, मुझे उसी के साथ घुलने-मिलने को मजबूर किया गया। अधिकारियों ने मुझे हर दिन परेशान किया, जबकि वो विंग कमांडर बेफिक्र था। आंतरिक कमेटी ने अपनी जांच के बाद कहा कि इस मामले में कोई चश्मदीद नहीं है, इसलिए तय नहीं हो पाया है कि घटना वास्तव में हुई थी या नहीं और मई में उन्होंने अपनी जांच बंद कर दी।’

लगातार डर के साए में जी रही हूं…
पीड़िता ने कहा, ‘उस घटना के बाद लगातार मेरा मानसिक उत्पीड़न किया गया। सामाजिक तौर पर भी मेरा बहिष्कार हुआ। मैं किससे मिल रही हूं, किससे बात कर रही है, इसपर भी गुपचुप तरीके से नजर रखी जाने लगी। जिन लोगों से मेरा मिलना-जुलना होता, उन्हें उनके सीनियर अधिकारी परेशान करने लगे। इस उत्पीड़न से मैं मानसिक तौर पर परेशान हो चुकी हूं और लगातार डर के साए में जी रही हूं। ऐसा लगता कि चौबीसों घंटे मेरे ऊपर नजर रखी जा रही है। भारतीय वायुसेना के अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद, मजबूरन मुझे जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास जाना पड़ा।’

Latest articles

भोपाल में शिक्षक भर्ती को अभ्यर्थियों ने किया बवाल, पुलिस से झड़प, कई अभ्यर्थी घायल

भोपाल। भोपाल में शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के...

मध्य प्रदेश में सूरज के तेवर गए तीखे, पारा 43 डिग्री तक पहुंचा

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब गर्मी ने पूरी तरह अपना असर दिखाना शुरू कर...

बटाला को ₹176 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, सीएम मान ने की नए बस स्टैंड की घोषणा

सुखबीर बादल पर परिवार को बचाने के आरोप लगाए गुरदासपुर। पंजाब में गुरदासपुर के बटाला...

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

More like this

गेल (इंडिया) ने उप्र और महाराष्ट्र में लगाएगी 700 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता का सोलर प्लांट

नई दिल्ली। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 700 मेगावाट सौर...

आशा भोसले पंचतत्व में विलीन, अंतिम विदाई देने पहुंचे आमिर-विक्की समेत कई सेलेब

मुंबई। दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार 12 अप्रैल को 92 वर्ष की आयु...

एचपीसीएल में ‘निदेशक विपणन’ के लिए आवेदन आमंत्रित, महारत्न कंपनी में उच्च स्तरीय नेतृत्व का अवसर

मुंबई/भोपाल। ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड...