नई दिल्ली
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ परमाणु डील पर बातचीत करना चाहते हैं और उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातु्ल्लाह खामेनेई को इससे संबंधित एक पत्र भेजा है। इसमें कहा गया कि उन्हें उम्मीद है कि इस्लामिक गणराज्य बातचीत के लिए सहमत होगा। शुक्रवार को प्रसारित फॉक्स बिजनेस नेटवर्क के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ईरान के साथ चर्चा करने की अपनी इच्छा दोहराई।
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पत्र में कहा, ‘मैंने उन्हें एक पत्र लिखा है, जिसमें लिखा है, ‘मुझे उम्मीद है कि आप बातचीत करेंगे क्योंकि अगर हमें सैन्य तरीके से आगे बढ़ना पड़ा, तो यह बहुत भयानक बात होगी।’ डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान से निपटने के दो तरीके हैं। पहला तो यह है कि सैन्य तरीके से निपटा जाए और दूसरा यह है कि आप समझौता कर लें। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं ईरान को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। वे महान लोग हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत करने में दिखाई रुचि
डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापस आने के बाद से उनका प्रशासन लगातार कहता रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाना चाहिए। हालांकि, पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निगरानी संस्था की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने हथियार-ग्रेड यूरेनियम के अपने उत्पादन में तेजी ला दी है।
आखिर क्या चाह रहे ट्रंप?
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2015 के ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था। अब उन्होंने बातचीत करने में रूचि दिखाई है। इस बीच रूस ने कथित तौर पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है, क्रेमलिन ने शांति से हल करने के लिए राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने का वचन दिया है।
ईरान के राजदूत से रूसी मंत्री ने की मुलाकात
रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने शुक्रवार को ईरानी राजदूत काजम जलाली के साथ वार्ता की और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी स्थिति से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की। बता दें कि पिछले अगस्त में खामेनेई ने एक भाषण में अमेरिका के साथ बातचीत का द्वार खोलते हुए कहा था कि दुश्मन के साथ बातचीत करने में कोई नुकसान नहीं है
