वायनाड,
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद शनिवार को केरल में उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड के पहले दौरे पर हैं. यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. यहां स्वागत स्थल पर एकत्र हुए सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शाम साढ़े पांच बजे गांधी के वहां पहुंचते ही उनके समर्थन में नारे लगाए. केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने उनका स्वागत किया. इस दौरान राहुल ने कलपेट्टा में एक जनसभा को भी संबोधित किया.
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि मैं आप सभी का स्वागत करना चाहता हूं और थोड़ा देर से आने के लिए क्षमा चाहता हूं. कुछ समय पहले मैं मणिपुर गया था. और मैं 19 साल से राजनीति में हूं. जो मैंने मणिपुर में देखा, वह मैंने कहीं और नहीं देखा. चाहे बाढ़ हो, हिंसा हो. मैं त्रासदियों के दौरान पूरे देश में रहा हूं. लेकिन जो मैंने मणिपुर में देखा वह कहीं नहीं देखा. आप मेरा परिवार हो. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि मैं आपको बताऊं कि मैंने क्या देखा. मैं आपको उन सभी लोगों के बारे में नहीं बता सकता, जिनसे मैंने बात की.
मणिपुर की दो घटनाओं के बारे में बताया
उन्होंने कहा कि मैं आपको 2 घटाओं के बारे में बताउंगा, जिन्हें मैं कभी नहीं भूलूंगा. ऐसी घटनाएं जो मेरे मन को विचलित कर देती हैं. इन दोनों में मणिपुर की महिलाएं शामिल हैं. मणिपुरी महिलाओं के दो अलग अनुभव. एक कमरे में सभी लोग परिवार के सदस्य थे, लेकिन मैंने एक महिला को अकेले देखा तो मैंने उनसे पूछा कि उनका परिवार कहां है? उन्होंने कहा कि मेरा कोई परिवार नहीं बचा है. फिर मैंने उनसे पूछा कि आपको क्या हुआ? थोड़ी देर तक उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. वह चुप रहीं. फिर मैंने उनका हाथ पकड़ा और उनसे पूछा कि क्या हुआ? उन्होंने मुझे बताया कि वह अपने गांव में सो रही थीं. उनके बेटे को उनकी आंखों के सामने मार दिया गया. उन्होंने मेरी आंखों के सामने ही उसे गोली मार दी. मैं पूरी रात अपने बेटे की लाश के पास अकेली पड़ी रही. मुझे नहीं पता था कि मुझे अपने बेटे के साथ रहना चाहिए या अपनी जान बचाने के लिए भाग जाना चाहिए. थोड़ी देर बाद मुझे एहसास हुआ कि मेरा बेटा वापस नहीं आएगा तो उन्होंने भागने का फैसला किया.
‘महिला ने बताया कि उसका घर जला दिया गया’
राहुल गांधी ने कहा कि या यहां बैठी महिलाएं कल्पना करें कि आपकी आंखों के सामने आपके बेटे की हत्या हो रही है. महिला ने बताया कि उसका घर जला दिया गया. उसने सब कुछ खो दिया. मैंने कहा कुछ तो हो सकता है. उन्होंने कहा कि मेरे पास केवल वही कपड़े हैं जो मैं अभी पहन रही हूं. मैंने कहा आपके पास कम से कम कुछ सामान तो होना चाहिए. वह अचानक इधर-उधर खोजने लगीं. उन्होंने अपने बेटे की तस्वीर निकाली. उन्होंने कहा कि मेरे पास बस इतना ही है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि वही कहानी दूसरी महिला की है. मैं शिविर में फिर से उससे मिला. मैं दो उदाहरण दे सकता हूं. हजारों उदाहरण मिलेंगे. किसी का घर जला दिया गया, किसी की बहन के साथ बलात्कार किया गया. तो मैं दूसरी महिला से मिला. मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ. जैसे ही मैंने पूछा, वह चुप हो गई। मैं देख सकता था कि वह अपने अनुभव की तस्वीरें देख रही थी. तब मैं कल्पना कर रहा था कि अगर यह मेरी मां और मेरी बहन के साथ होगा तो कैसा लगेगा. अचानक वह इसे सहन न कर पाने के कारण बेहोश हो गई. कल्पना कीजिए कि आपकी मां या बहन अपने साथ जो हुआ उसे याद करके बेहोश हो जाती हैं. मणिपुर की महिलाओं के साथ यही हुआ.
‘पीएम ने 2 मिनट के लिए मणिपुर की बात की’
उन्होंने कहा कि हम मैतेई और कुकी इलाकों में गए. जब हम मैतेई इलाके में गए तो उन्होंने कहा कि अगर आपका कोई भी सुरक्षाकर्मी कुकी से है, तो वे उन्हें मार डालेंगे। जब हम कुकी इलाके में गए तो उन्होंने कहा कि अगर आपका सुरक्षाकर्मी मैतेई का है तो हम उन्हें मार डालेंगे. हमने अपने-अपने सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया. हर तरफ खून है, बलात्कार है. मैंने पीएम का भाषण सुना. वह हंस रहे थे. उनके मंत्रिमंडल, मंत्री हंस रहे थे. वे मजे कर रहे थे. पीएम 2 घंटे 13 मिनट तक बोले. उन्होंने कांग्रेस, मेरे, INDIA गठबंधन, बीजेपी के बारे में बात की लेकिन उन्होंने 2 मिनट के लिए मणिपुर के बारे में बात की. भारत का विचार शांति का प्रतिनिधित्व करता है. यदि हिंसा, बलात्कार, हत्या है तो यह भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करता है. अगर किसी राज्य के लोग एक-दूसरे को मार रहे हैं और बलात्कार कर रहे हैं तो यह भारत को नहीं दर्शाता है. भारत का मतलब प्रेम है. यही बात मैंने संसद में कही थी. मैंने कहा कि उन्होंने मणिपुर में भारत के विचारों की हत्या कर दी है.
