मुंबई,
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के प्रचार का फाइनल फेज चल रहा है. इसी क्रम में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक रैली की. इस दौरान उद्धव ने कहा कि मुंबई का हर कोना अडानी को बेचा जा रहा है. मैं जहां भी प्रचार कर रहा हूं, चाहे वह कोल्हापुर हो, चंद्रपुर हो या पालघर, हर जगह पानी, बंदरगाह और बिजली अडानी को बेची जा रही है. मराठी में हम समस्याओं को ‘आसमानी की सुल्तानी’ कहते हैं, अब हमें कहना होगा कि समस्याएं ‘सुल्तानी की अडानी’ बन गई हैं.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम 23 नवंबर को जरूर जीतेंगे, लेकिन हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि महाझूठी सरकार न जीत पाए. उद्धव ने महाराष्ट्र के बाहर से आए भाजपा प्रचारकों को लेकर पंकजा मुंडे के बयान की तारीफ की. पंकजा ने कहा था कि राज्य के हर बूथ पर भाजपा से करीब 90 हजार बाहरी लोग महाराष्ट्र आए हैं. उद्धव ने कहा कि इन बाहरी लोगों की वजह से महाराष्ट्र में ऑक्सीजन कम हो गई है, लेकिन हमें सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ये बाहरी लोग हम पर नजर रखने के लिए आए हैं. उन्होंने हमारे खिलाफ सेना बुलाई है.
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि मैंने सुना है कि राजनाथ सिंह ने दावा किया है कि डॉ. अंबेडकर को पीएम मोदी ने भारत रत्न दिया था. मुझे नहीं पता कि यह सच है या नहीं, लेकिन उन्हें जवाब देना चाहिए कि अगर वे अंबेडकर का इतना सम्मान करते हैं तो उन्होंने अल्पसंख्यक आयोग में एक भी बौद्ध सदस्य की नियुक्ति क्यों नहीं की.
मैं गुजरात या गुजरातियों से ईर्ष्या नहीं करता, वे भी हमारे साथ हैं, लेकिन पीएम मोदी और अमित शाह गुजरात और पूरे देश के खिलाफ दीवार खड़ी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह चले जाएंगे, लेकिन यह दीवार बनी रहेगी. यह बर्लिन की दीवार की तरह होगी, जिसे फिर से एकजुट होने में दशकों लगेंगे. अगर हम सत्ता में आते हैं तो कैबिनेट में पहला फैसला ये होगा कि हम अडानी को दी जा रही सारी जमीन वापस ले लेंगे. मैं एमएमआरडीए के एमओयू और नीति आयोग के फैसले रद्द कर देंगे.
