12.6 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयअमेरिकी चुनाव में भारत की मदद, बांग्लादेश में कट्टर वामपंथी, 200 प्रतिशत...

अमेरिकी चुनाव में भारत की मदद, बांग्लादेश में कट्टर वामपंथी, 200 प्रतिशत टैरिफ.. ट्रंप दिल्ली पर बार बार क्यों भड़क रहे?

Published on

वॉशिंगटन:

डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारतीय इलेक्शन में अमेरिकी फंड पर नये आरोप लगा रहे हैं। इसके अलावा टैरिफ को लेकर भी वो लगातार भारत पर भड़क रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने भारत पर 200 प्रतिशत टैरिफ वसूलने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका में होने वाले चुनाव में भारत की मदद लेने की भी बात कही है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारतीय इलेक्शन में USAID की तरफ से दिए गये 18 मिलियन डॉलर के फंड (21 मिलियन डॉलर के आरोप) पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने भारत को फंड देने के बजाए अमेरिकी मतदाताओं की अमेरिकी इलेक्शन में भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के बजाय विदेशों में बड़ी मात्रा में खर्च करने के पीछे की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस (CPAC) में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने पेपर बैलेट से चुनाव करवाने की प्रकिया में वापस लौटने का सुझाव दिया देते हुए, अमेरिकी चुनावी प्रक्रियाओं में भारत की सहायता लेने का प्रस्ताव रखा है।

यूएस फंड पर क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
CPAC में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “भारत को उसके चुनावों में मदद के लिए 18 मिलियन डॉलर। ऐसा क्यों? क्यों न हम पुराने बैलेट पेपर का इस्तेमाल करें और उन्हें अपने चुनावों में मदद करने दें, है न? मतदाता पहचान पत्र। क्या यह अच्छा नहीं होगा? हम भारत को चुनावों के लिए पैसा दे रहे हैं। जबकि उन्हें पैसे की कोई जरूरत नहीं है।” डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, कि “वे हमारा बहुत फायदा उठाते हैं। वो दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ वाले देशों में से एक हैं। हम कुछ बेचने की कोशिश करते हैं। उनके पास 200 प्रतिशत टैरिफ होता है। और फिर हम उन्हें उनके चुनाव में मदद करने के लिए बहुत सारा पैसा दे रहे हैं।”

डोनाल्ड ट्रंप लगातार USAID की तरफ से भारतीय इलेक्शन में की गई फंडिंग पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने इसे फिजूलखर्ची करार दिया है और कहा है कि इन पैसों का इस्तेमाल अमेरिका में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए किया जा सकता था। भारत को पैसे दिए जाने की कोई जरूरत नहीं थी। भारत को इसकी जरूरत भी नहीं थी। उन्होंने अमेरिकी इलेक्शन में अमेरिका की भागीदारी के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

बांग्लादेश को लेकर क्या बोले ट्रंप?
इसके अलावा रिपब्लिकन गवर्नर्स एसोसिएशन में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बांग्लादेश में राजनीतिक परिदृश्य को मजबूत करने के लिए एक फर्म को 29 मिलियन डॉलर की फंडिंग की भी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि हमारे डॉलर्स से वहां के लोग “कट्टरपंथी वामपंथियों का चुनाव कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल को मजबूत करने के लिए 29 मिलियन डॉलर एक ऐसी फर्म को दिए गए, जिसके बारे में किसी ने कभी सुना ही नहीं था। 29 मिलियन डॉलर मिले। उन्हें एक चेक मिला। क्या आप कल्पना कर सकते हैं? आपके पास एक छोटी सी फर्म है। उस फर्म में दो लोग काम कर रहे हैं। दो लोग। मुझे लगता है कि वे बहुत खुश हैं, वे बहुत अमीर हैं। वे बहुत जल्द ही एक बहुत अच्छी बिजनेस पत्रिका के कवर पेज पर महान होने के कारण दिखाई देंगे।”

आपको बता दें कि भारतीय इलेक्शन में अमेरिकी फंडिंग को लेकर भारत में भी राजनीति गर्म है। शनिवार को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस आरोप पर चिंता जताई है, की कि भारत में “मतदान” के लिए USAID ने 21 मिलियन डॉलर का वित्तपोषण किया था। जयशंकर ने कहा, “ट्रंप प्रशासन के लोगों ने कुछ जानकारियां सामने रखी हैं और जाहिर है, यह चिंताजनक है… मुझे लगता है कि सरकार के तौर पर हम इसकी जांच कर रहे हैं। मेरा मानना है, कि तथ्य सामने आएंगे…USAID को सद्भावना के साथ, सद्भावनापूर्ण गतिविधियां करने की अनुमति दी गई थी। अब अमेरिका से सुझाव दिए जा रहे हैं, कि ऐसी गतिविधियां हैं जो दुर्भावनापूर्ण हैं। यह चिंताजनक है, और अगर इसमें कुछ है, तो देश को पता होना चाहिए कि इसमें कौन लोग शामिल हैं।”

Latest articles

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

एक अप्रैल से ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत

भोपाल मप्र में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल से स्कूल चलें हम...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...