9.9 C
London
Sunday, May 10, 2026
Homeराष्ट्रीयजस्टिस वर्मा की और बढ़ी मुश्किलें! बार एसोसिएशनों ने आपराधिक जांच की...

जस्टिस वर्मा की और बढ़ी मुश्किलें! बार एसोसिएशनों ने आपराधिक जांच की उठाई मांग, CJI से ये अपील

Published on

नई दिल्ली

जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में नया मोड़ आया है। कई बार एसोसिएशन ने सीजेआई संजीव खन्ना से एक संयुक्त बयान में खास अपील की है। उन्होंने जस्टिस वर्मा के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने और इलाहाबाद हाई कोर्ट में उनके ट्रांसफर की सिफारिश वापस लेने की मांग की है। यह मामला जस्टिस वर्मा के बंगले में आग के बाद मिली नकदी से जुड़ा है। बार एसोसिएशनों ने देश के मुख्य न्यायाधीश से पारदर्शिता बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए भी सराहना की है।

बार एसोसिएशन की सीजेआई से डिमांड
दिल्ली, इलाहाबाद, केरल, कर्नाटक और गुजरात हाई कोर्ट के बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने यह बयान जारी किया है। उन्होंने सीजेआई संजीव खन्ना से अपील में कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर को रद्द किया जाए। उनसे सभी प्रशासनिक काम वापस लेने का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की है कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ आपराधिक कानून के तहत कार्रवाई शुरू की जाए, जैसे कि किसी भी सरकारी कर्मचारी के खिलाफ की जाती है।

क्या जस्टिस वर्मा पर दर्ज होगी FIR?
बार एसोसिएशनों का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की रिपोर्ट के अनुसार, ‘किसी ने 15.3.2025 को परिसर से सामान हटाया था और अगर आपराधिक कानून लागू किया गया होता, तो सबूत नष्ट नहीं होते।’ उनका मानना है कि सबूतों को नष्ट किया गया है। इस तरह के अपराधों में कई लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे में FIR दर्ज न करना उनके खिलाफ कार्रवाई को मुश्किल बना देगा।

इलाहाबाद ट्रांसफर का भी विरोध
बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने इलाहाबाद में मिलने का फैसला किया है। अगर जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर का आदेश वापस नहीं लिया जाता है, तो वे इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के साथ एकजुटता दिखाएंगे। उनका मकसद है कि उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों के लिए जवाबदेही के मानक तय किए जाएं। वे 1999 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय की गई इन-हाउस प्रक्रिया और 1997 में अनुमोदित न्यायिक जीवन के मूल्यों के पुन: विवरण और 2002 के बैंगलोर सिद्धांतों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहते हैं।

जस्टिस वर्मा मामले में PIL
इस मामले में एक PIL भी दायर की गई है। इसमें जस्टिस वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने और CJI द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति को चुनौती दी गई है। जस्टिस वर्मा 21 मार्च को विवादों में आए थे। उनके बंगले के एक स्टोररूम में आग लगने के बाद नकदी के बोरे मिलने की खबरें आई थीं। CJI संजीव खन्ना ने 22 मार्च को एक तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। यह समिति इन-हाउस प्रक्रिया के तहत मामले की जांच करेगी। यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की रिपोर्ट के बाद लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया था कि मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।

कैश मामले को जस्टिस वर्मा ने बताई साजिश
हालांकि, जस्टिस वर्मा ने नकदी रखने से इनकार किया है। उन्होंने इसे अपने खिलाफ साजिश बताया है। 24 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने जस्टिस वर्मा से न्यायिक काम वापस ले लिया था। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर लिया गया था। उसी दिन, इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने की सिफारिश के विरोध में 25 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीर

रायपुर। चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र में रहने वाले लोग पीढ़ियों से कोयले की खदानों...

मुख्यमंत्री की ‘गांव चलो’ मुहिम: जाजोद की गलियों में सुबह-सुबह पहुंचे भजनलाल शर्मा, बच्चों को बांटी चॉकलेट

राजस्थान। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'गांव चली सरकार' अभियान के तहत शुक्रवार...

सुवेंदु अधिकारी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा रहे साक्षी

कोलकाता/जयपुर। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ गया। भाजपा नेता...

हाईवे किनारे बच्चों को खेलता देख सीएम मान ने रुकवाया काफिला, बीच मैदान पहुंच बढ़ाया हौसला

पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का एक बेहद सरल और मिलनसार अंदाज...

More like this

तमिलनाडु में विजय का होगा ‘राजतिलक’, राज्यपाल से मिले, समर्थन का आंकड़ा हुआ पूरा

चेन्नई। तमिलनाडु में काफी मशक्कत के बाद आखिर टीवीके चीफ विजय को राज्यपाल से...

शुभेंदु अधिकारी बनेंगे बंगाल के अगले CM, कल सुबह लेंगे शपथ

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के अगले सीएम शुभेंदु अधिकारी होंगे, ये फैसला BJP विधायक दल...