नई दिल्ली
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में मातृभाषा में पढ़ाई का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि हमने मातृभाषा में पढ़ाने पर बल दिया है। पीएम ने कहा कि बच्चे मातृभाषा में पढ़ सकें इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का भी धन्यवाद करते हैं। पीएम ने कहा कि भारत की सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब वो जो जजमेंट देंगे उसका जो ऑपरेटिव पार्ट होगा वो जो अदालत में आया है उसको उसकी भाषा में उपलब्ध होगा।
मातृभाषा का बढ़ा महात्मय
पीएम मोदी ने कहा कि आज मातृभाषा का महात्मय बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने जब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से स्थानीय भाषा में जजमेंट का ऑपरेटिव बात का जिक्र किया तो सीजेआई वहीं मौजूद थे। सीजेआई ने पीएम मोदी की इस बात पर हाथ उठा कर अभिवादन किया। इससे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई पर जोर दिया गया है।
देश की मजबूत सीमाओं का जिक्र
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित है। सेना का आधुनिकीकरण हो। हमारी सेना युद्ध के लिए तैयार रहे। इसलिए लागतार सुधार का काम हमारी सेना में हो रहा है। आए दिन हम सुना करते थे यहां बम धमाका हुआ वहां बम धमाका हुआ। हर जगह लिखा होता था कि इस बैग तो मत छूना। आज देश शांति को देख रहा है। सीरियल बम धमाके का जमाना बीती हुई बात हो गई है। निर्दोषों के जो मौत होते थे वो अब बीते हुए कल की बात हो गई है। आज देश में आतंकी हमलों में भारी कमी आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी बहुत बड़ा बदलाव आया है। परिवर्तन का वातावरण बना है।
