पटना
बिहार में नीतीश कुमार से अलग होने के बाद बीजेपी ने पूर्णिया और किशनगंज यानि सीमांचल से महागठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान अमित शाह ने नीतीश कुमार और लालू यादव दोनों पर ही हमला बोला। लेकिन इसके बाद जो होना चाहिए था, वही हुआ। बदले में JDU और आरजेडी ने पलटवार शुरू कर दिया। पटना में जेडीयू प्रवक्ताओं ने मोर्चा खोला तो RJD ने सोशल मीडिया साइट्स से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला बोलना शुरू किया। इस वार पलटवार में बात धोखे से लेकर एयरपोर्ट तक पहुंच गई। जानिए किसने क्या कहा…
ललन सिंह का अमित शाह पर हमला
इस दौरान JDU अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने ट्वीट कर अमित शाह पर हमला बोला। ललन सिंह ने ट्वीट किया कि ‘गृहमंत्री जी, पूर्णिया हवाई अड्डा कब बन गया, बताइए तो जरा ? कृपया हमारा ज्ञानवर्धन कीजिए। कम से कम अब तो बिहार के लोगों को ठगना बंद कीजिए। सोचिए जिस देश का गृहमंत्री ही जुमलेबाज हो, उस देश का भविष्य क्या होगा ? अब तो भाजपा मुक्त देश ही एक मात्र विकल्प है।’
जुमलेबाज मा. गृहमंत्री जी,
पूर्णिया हवाई अड्डा कब बन गया, बताइए तो जरा ? कृपया हमारा ज्ञानवर्धन कीजिए। कम से कम अब तो बिहार के लोगों क़ो ठगना बंद कीजिए।
सोचिए जिस देश का गृहमंत्री ही जुमलेबाज हो, उस देश का भविष्य क्या होगा ? अब तो भाजपा मुक्त देश ही एक मात्र विकल्प है। pic.twitter.com/6gWfbyaviL
— Rajiv Ranjan (Lalan) Singh (@LalanSingh_1) September 24, 2022
आरजेडी ने भी ट्वीट कर बोला हमला
इससे पहले RJD ने भी इसी मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री पर हमला बोला। RJD ने ट्वीट किया कि ‘पूर्णिया में बिना हवाई अड्डा बने ही अमित शाह ने जहाज उड़ा दिए। इतिहास से छेड़छाड़ करने वाले गुजरात के अमित शाह जी नहीं जानते कि 89 वर्ष पूर्व अंग्रेजों ने 1933 में एवरेस्ट के लिए पहली उड़ान पूर्णिया से ही भरी थी। गृहमंत्री इतनी सफेद झूठ बोलने की हिम्मत कहाँ से जुटाते है?’
JDU ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भी किया पलटवार
इसके बाद शनिवार को JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने हमला बोलने हुए कहा कि ‘2014 में बीजेपी पूर्णिया में चारो खाने चित हो गई थी। उसी पूर्णिया में अमित शाह जबरन ताली बजवा रहे थे। हमारी पार्टी और हमारे नेता ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वो (नीतीश कुमार) प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं है। हम विपक्षी एकता को एक करने के पक्षधर हैं।बिहार में जैसे ही परिवर्तन का आगाज हुआ, उसका केंद्रीय नेतृत्व राज्य में पहुंच गया। हम लोग पहले से ही कह रहे थे कि अमित शाह बिहार में सद्भाव बिगाड़ने आ रहे हैं।’
