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Wednesday, May 20, 2026
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मध्य प्रदेश : नाम बदलो, ‘बेरोजगारी खत्म’… एमपी सरकार के नए जुगाड़ पर कांग्रेस का तंज, कहा- बेरोजगारों का मजाक बनाया जा रहा

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भोपाल:

मध्य प्रदेश सरकार ने ‘बेरोजगारी’ को एक झटके में समाप्त कर दिया है। हम यह बात इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इस समस्या को हल करने के लिए सरकार ने एक नया तरीका निकाला है। अब बेरोजगार युवाओं को ‘आकांक्षी युवा’ कहा जाएगा। सरकार के इस कदम की अब जमकर आलोचना हो रही है। आलोचकों का कहना है कि सरकार नौकरी की कमी को छुपाने की कोशिश कर रही है। वहीं सरकार का कहना है कि स्थिति उतनी बुरी नहीं है जितनी दिख रही है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार बेरोजगारों का मजाक उड़ा रही है।

दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार सड़कों, जिलों और स्टेशनों के नाम बदलने से आगे बढ़कर अब बेरोजगारी का नाम भी बदल दी है। राज्य के रोजगार पोर्टल पर मध्य प्रदेश में बेरोजगार युवाओं की संख्या बताते समय ‘आकांक्षी युवा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया और उनकी संख्या 29.37 लाख से अधिक बताई गई है। राज्य सरकार का कहना है कि नौकरी की स्थिति उतनी खराब नहीं है जितनी दिख रही है। हाल ही में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया था कि भारत जैसे देश में, जिसकी जनसंख्या 1.45 अरब है, सरकारी नौकरियों का अनुपात एक प्रतिशत से अधिक नहीं है। यहां तक कि देश के सबसे बड़े नियोक्ता, सेना, नौसेना और वायु सेना सहित सशस्त्र बल भी केवल 13.5 लाख लोगों को रोजगार देते हैं। इसमें कहा गया है कि राज्य सरकार ‘आकांक्षी युवाओं’ को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही है। अब से राज्य में बेरोजगार युवाओं को ‘आकांक्षी युवा’ कहा जाएगा।

टेटवाल ने इस नाम किया बचाव
मध्य प्रदेश के कौशल विकास मंत्री गौतम टेटवाल ने इस नए नाम का बचाव किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगार लोगों की संख्या वास्तविक संख्या से अलग है। अगर कोई बेटा अपने पिता की दुकान पर काम करता है और रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है, तो वह बेरोजगार नहीं है। एक व्यक्ति जो बिना स्थिर काम के 12,646 रुपये प्रति माह से कम कमाता है, उसे बेरोजगार माना जा सकता है। लेकिन, मध्य प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं है।

कांग्रेस ने जमकर साधा निशाना
कांग्रेस के अटेर के विधायक ने सरकार के इस कदम पर तंज कसा है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि बेरोजगारी ख़त्म करने का भाजपा मॉडल: नाम बदलो, काम ख़त्म! उन्होंने आगे लिखा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने बेरोजगारी पर जो ‘क्रांतिकारी’ कदम उठाया है, वह इतिहास में ‘सबसे आसान समाधान’ के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने बेरोजगारों को ‘आकांक्षी युवा’ घोषित कर दिया। बस, खेल खत्म! अब न बेरोजगार होंगे, न बेरोजगारी होगी। यानी, समस्या नहीं सुलझानी, बस उसका नाम बदल देना!

अब सरकार से नहीं पूछ सकते हैं सवाल
उन्होंने आगे लिखा कि अब सरकारी अस्पतालों में मरीज नहीं होंगे, बस ‘स्वस्थता के आकांक्षी नागरिक’ होंगे। गरीबों को गरीबी नहीं सताएगी, वे होंगे ‘समृद्धि के उम्मीदवार’। और भ्रष्टाचार भी खत्म! घोटालेबाज अब कहलाएंगे ‘ईमानदारी के उपासक’! भाजपा सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक के बाद, मध्य प्रदेश में अब किसी को रोजगार मांगने की जरूरत ही नहीं। क्योंकि अगर आप ‘बेरोजगार’ कहलाएंगे ही नहीं, तो सरकार से सवाल भी नहीं पूछ सकते।

बेरोजगारों का मजाक उड़ा रही सरकार
मध्य प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी पोस्ट में कहा कि सरकार ने बेरोजगारों का नाम बदलकर मजाक बना दिया। जिन शिक्षित युवाओं के पास योग्यता होते हुए भी काम नहीं है, वे बेरोजगार हैं। लेकिन, मध्यप्रदेश सरकार ढेरों आश्वासन के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं दे पा रही और उनकी मजबूरी का नाम बदलकर उसे मजाक बना दिया। कोई मोहन सरकार से पूछे कि बेरोजगारों को आकांक्षी युवा कहकर आखिर आप साबित क्या करना चाहते हैं? सिंघार ने रेखांकित किया कि उप निरीक्षक और सूबेदारों की आठ साल से भर्ती नहीं हुई, लेखापाल और उप अंकेक्षक के पदों पर भी आठ साल से भर्ती नहीं की जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी खामी को छुपाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार बेरोजगारों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रही है।

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